विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने अपने धर्म के लोगों पर उसे मकान बेचने के नाम पर 23 लाख 50 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर आईटीआई कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
ग्राम धीमरखेड़ा, काशीपुर निवासी नाजिम सुल्तान पुत्र शमीम अहमद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसे एक मकान की आवश्यकता थी। मौहम्मद शाकिर रिजवी ने उसे यह कहते हुए अहसान अली से मिलवाया कि हम लोग अपने धर्म के लोगों के लिए सस्ता मकान उपलब्ध कराते हैं । मौ. शाकिर रिजवी की बात पर विश्वास करते हुए उसने अहसान अली से 1000 वर्ग फिट पर निर्मित मकान को 23 लाख 50 हजार रुपये में खरीद लिया।
नाजिम सुल्तान ने बताया कि अहसान अली द्वारा आज तक उसे उक्त मकान पर कब्जा नहीं दिया गया। वह अनेकों बार उक्त आराजी पर गया तो मालूम चला कि अहसान अली द्वारा उक्त आराजी के कूटरचित व फर्जी दस्तावेज बनाकर उक्त आराजी को किसी दीगर शक्स को विक्रय कर उसे कब्जा दे दिया है।
नाजिम ने बताया कि उसके संज्ञान में आया है कि उक्त लोग आपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं और षड़यंत्र के तहत लोगों के साथ आराजी की धोखाधड़ी करते हुये उनसे रुपये हड़प कर गलत आराजी का बैनामा उनके नाम कराते हैं। जब वह अहसान अली से अपने उक्त आराजी के बदले अपने रुपये मांगने जाता है तो अहसान अली उसके साथ गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी यह कहते हुये देता है कि अगर तूने दोबारा उक्त आराजी के बारे में या रुपयों वापस की बात की तो तूझे मैं जान से मरवा दूंगा।
नाजिम ने कहा कि वह मानसिक रूप से टूट चुका है । वह उपरोक्त आराजी पर होम फर्स्ट कम्पनी से लिए गए होम लोन की किस्तें अदा करता चला आ रहा था और वह अब तक लाखों रूपये अदा कर चुका है। उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उसने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
कोर्ट के आदेश पर आईटीआई कोतवाली पुलिस ने अहसान अली तथा मौ. शाकिर रिजवी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 351(3), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई शंकर सिंह बिष्ट के हवाले की है।



