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Saturday, February 21, 2026
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मुकेश अंबानी के घर विस्फोटकों से मिली कार मिलने के मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वाझे गिरफ्तार

मुंबई (महानाद) : एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी स्काॅर्पियो प्लांट करने के आरोप में मुंबई पुलिस के एक अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाझे को गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने लंबी पूछताछ के बाद कल रात 11ः30 बजे वाझे को गिरफ्तार कर लिया।

एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटकों से भरी स्काॅर्पियो मिलने के मामले में शनिवार की सुबह सचिन वाझे को जांच के लिए बुलाया गया था। वाझे ही इस मामले की जांच कर रहे थे। स्कॉर्पियो का इस्तेमाल करने के लिए उनका नाम सामने आया था। मामले में उनकी संलिप्तता पाई गई है।

सचिन वाझे ने विगत 25 फरवरी को कारमाइकल रोड पर मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो लगाने वाले ग्रुप का हिस्सा होने की बात कबूल कर ली है। वाझे को आईपीसी की धारा 86, 465, 473, 506(2), 120 B और Explosive Substances Act 1908 की धारा 4(a)(b)(I) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

आपको बता दें कि स्काॅर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एटीएस और एनआईए ने सचिन वाझे से पूछताछ की है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद उद्धव सरकार ने विस्फोटक वाली स्काॅर्पियो मिलने के मामले में जांच अधिकारी बनाए गए सचिन वाझे का तबादला कर दिया था। अपने को फंसता देख वाझे ने ठाणे सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याजिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

बता दें कि दक्षिण मुंबई में अंबानी के घर एंटीलिया के निकट 25 फरवरी को एक स्काॅर्पियो कार के अंदर जिलेटिन की 20 छड़ें रखी हुई मिली थीं। जांच के बाद पुलिस ने बताया था कि कार 18 फरवरी को ऐरोली-मुलुंड ब्रिज से चोरी हुई थी। वाहन के मालिक हीरेन मनसुख शुक्रवार को ठाणे में मृत पाये गये। हालांकि, बाद में महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया था कि हिरेन मनसुख कार के असल मालिक नहीं थे। पुलिस ने बताया था कि स्काॅर्पियों 18 फरवरी को चोरी हुई थी। चोरी होने से पहले उक्त कार हिरेन मनसुख के पास थी, जो संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला था। उसके मुंह में रुमाल ठुंसे मिले थे।

विदित हो कि 49 वर्षीय सचि वाझे महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले हैं। 1990 में वे सब-इंस्पेक्टर के रूप में महाराष्ट्र पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में हुई थी। उसके बाद उनकी तैनाती ठाणे में हुई। मुंबई पुलिस में आने के बाद वह एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में मशहूर हुए। सचिन वाझे ने अंडरवल्र्ड के कई गैंगस्टर्स का एनकाउंटर किया। वाझे ने 5 दर्जन से ज्यादा अपराधियों को इन मुठभेड़ों में मार गिराया। वाझे टेक्नॉलजी की अच्छी जानकारी रखते हैं और उन्होंने कई साइबर क्राइम और आपराधिक केसों को भी उन्होंने सुलझाया था। स्काॅर्पियों मामले के दौरान वे क्राइम ब्रांच में तैनात थे।

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