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Friday, January 30, 2026
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हरियाणा सरकार का एक फैसला और गुरुग्राम व मानेसर से सैकड़ों कंपनियों का पलायन शुरु

गुरुग्राम (महानाद) : हरियाणा सरकार के एक फैसले के कारण गुरुग्राम और मानेसर के रेडीमेड के घंधे से जुड़े उद्वोगपतियों ने अपने उद्योगों को ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में शिफ्ट करने की तैयारी शुरु कर दी है। प्राधिकरण के वहां पर 1000 वर्गमीटर और उससे अधिक क्षेत्रफल के प्लाॅट हैं। उन्हें लेने के लिए कुछ ने पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में ही आवेदन कर दिया था। अब उन्होंने 10 फीसदी रकम देकर प्लाॅटों के अलाटमेंट करा लिये हैं।

बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को उद्योगों में 75 प्रतिशत नौकरी देने का कानून बनाने की जानकारी उद्योगपतियों को पहले से ही हो चुकी थी। अब उक्त कानून को राज्यपाल की हरी झंडी मिलने के बाद सैकड़ों उद्योगपतियों ने यूपी के ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपना भविष्य तलाशना शुरू कर दिया है।

मानेसर की स्प्रिंग ओवरसीज इंडस्ट्री से जुड़े उद्योगपतियों के साथ सहित कई अन्य ने नोएडा में 1000-1000 वर्गमीटर के प्लाॅट ले लिए हैं। वहीं कईयों ने आवदेन कर दिया है। यीडा ने वहां पर प्लाॅट का रेट 6405 रुपये वर्गमीटर का रेट तय किया है। जिसकी 10 फीसदी रकम रजिस्ट्रेशन के समय जमा करनी है। 20 फीसदी रकम अलाॅटमेंट के 60 दिन के अंदर जमा करानी है। बाकी बची शेष रकम राशि 6-6 महीने के अंतराल में दस आसान किस्तों में जमा करानी होगी।

आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा यहां के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के कानून के कारण रेडीमेड गारमेंट की कई इंडस्ट्रीज ने ग्रेटर नोएडा के यीडा सेक्टर 29 की ओर रुख कर लिया है। कई ने आवेदन कर दिए हैं। नोएडा उनके उद्योग के लिए काफी अच्छा लग रहा है, क्योंकि इसके पास जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, केएमपी तथा लुधियाना से कोलकता तक फ्रेट कोरिडोर मौजूद है।

आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन यादव का कहना है कि पहले कानून बना दिया अब अपर मुख्य सचिव हमसे श्रम सुझाव मांग रहे हैं। यदि सरकार ने पहले से ही उद्योगपतियों से बात कर ली होती तो इस कानून को बनाने की आवश्यकता नहीं होती। निजी क्षेत्र में आरक्षण अनैतिक है। रोजगार केवल काबिलियत और गुणवत्ता के आधार पर ही प्रदान करना चाहिए।

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