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Thursday, February 19, 2026
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रामनगर : कनाडा का वीजा दिलाने के नाम पर 53 लाख ठगने वाले 2 युवक गिरफ्तार

सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : रामनगर पुलिस ने कनाडा का वीजा दिलाने के नाम 53 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से फर्जी आधार कार्ड तथा वीजा कार्ड भी बरामद किये हैं।

बता दें कि दिनांक 18.01.2022 हरिपुर छोई, रामनगर निवासी रमेश चन्द पुत्र वचन सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सावर सिंह उर्फ राजीव पुत्र मातवर सिंह निवासी निसिनी, थाना पावो, जिला पौड़ी गढ़वाल, नितिन श्रीवास्तव उर्फ दिनेश पुत्र स्व. तारा चंद श्रीवास्तव निवासी मकान नंबर 15/25, कमालपुर, कमल विहार, पश्चिमी संतनगर, बुराड़ी, दिल्ली, वर्तमान पता मकान नं.-78, गली नं.-02, भरत विहार, ककरौला, द्वारका सैक्टर-14, नई दिल्ली तथा राजीव पुत्र पुत्तू लाल निवासी बंथरा उर्फ नगला, थाना जैतीपुर, तहसील तिलहर, जिला शाहजहांपुर हाल निवासी-सेक्टर 62, वजीदपुर, नियर फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा द्वारा उसके के परिवारवालों को कनाडा का वीसा उपलब्ध कराने तथा दिल्ली से कनाडा का एयर टिकट उपलब्ध कराने के नाम पर कुल 53,32,996 रुपये ठग लिये।

उक्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने कोतवाली रामनगर में एफआईआर सं. 23/2022 के तहत राजीव, दिनेश कुमार, जोगेन्द्र कुमार, अमरजीत, अतुल, निशान्त अरोरा तथा राजुकमार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच एसआई प्रकाश चन्द्र के सुपुर्द की गयी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 मार्च 2022 को अभियुक्तदृसावर सिंह उर्फ राजीव पुत्र मातवर सिंह निवासी निसिनी, थाना पावो, जिला पौड़ी गढ़वाल को गिरफ्तार कर लिया।

जांच के दौरान दिनांक 04.04.2022 को एसआई प्रकाश चन्द्र अपनी टीम के साथ शेष अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी हेतु पुनः थाना रामनगर से रवाना होकर अभियुक्तगणों के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होने पर दिल्ली/नोएडा आदि क्षेत्रों में सक्रिय हो गये। जिसके परिणामस्वरुप दिनांक 08.04.22 को बाबा कालोनी थाना बुराड़ी, नई दिल्ली क्षेत्र से उपरोक्त अभियुक्तगणों नितिन श्रीवास्तव उर्फ दिनेश तथा अभियुक्त राजीव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड आदि बरामद किये गये।

पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों ने बताया कि सबसे पहले हम फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाते थे। फिर उस पर हम एड जैसे कनाडा वर्क परमिट, नो एडवांस आल पेमेन्ट आफ्टर वीजा व अपना मोबाइल नं. डालते थे। उसके बाद ग्राहक हमें कॉल करते थे। कॉल को नितिन श्रीवास्तव, मनोज बिष्ट व सावर सिंह नेगी रिसीव करते थे। हम ग्राहकों से कहते थे कि हम आप की नौकरी कनाडा में होटल में लगावा देगें उससे पहले हम आपसे एक रुपया भी नहीं लेगें परन्तु वीजा तैयार होने में 6 लाख रुपया लगेगा। आधा पैसा वीजा तैयार होने के बाद देना पड़ेगा व आधा पैसा टिकट कराने के बाद। जिस पर ग्राहक हमारे ऊपर विश्वास कर लेते थे।

जब ग्राहक हमारे ऊपर पूरा विश्वास कर लेते थे तो हम ग्राहकों से व्हाट्सअप के माध्यम से पासपोर्ट की स्कैन कापी लेते थे। उसके दो दिन बाद हम ग्राहको को फोन करके कहते थे कि आपको कनाडा में नौकरी मिल जायेगी। उसके बाद हम दिल्ली उन्हें अलग अलग स्थानों पर बुलाकर मूल पासपोर्ट ले लेते थे। इस दौरान दिल्ली में घूमने के लिये हम संदीप बडेरा टैक्सी ड्राइवर को फोन कर बुलाते थे। उसके बाद सोनू उर्फ मनोज ग्राहकों का अपने लैपटाप से फर्जी दस्तावेज, होटल का ऑफर लेटर, एग्रीमेन्ट, वीजा कापी व आईआरसीसी तैयार करता था। जिसे सावर सिंह नेगी प्रत्येक दस्तावेज के 20,000 रुपये देते थे।

उक्त दस्तावेज तैयार करने का हम ग्राहकों को एक महीने का समय बताते थे। एक महीने बाद सोनू फर्जी दस्तावेजों को ग्राहकों को मेल करता था। मेल करने के बाद हम ग्राहकों से दो से पांच दिन के अन्दर आधी रकम मंगाते थे। उक्त रकम को हम अपने फर्जी खाते में मंगाते थे। फर्जी खाते राजीव पुत्र पुत्तु लाल निवासी सेक्टर 62, नोएडा, उ.प्र. खुलवाकर देता था, जो नोएडा, शाहजहांपुर, उ.प्र. व बिहार के गांवों से लड़को को लाकर गलत नाम पते की आईडी लगाकर उनको बैंक में ले जाकर फर्जी खाते खुलाकर हमें देता था, जिसे हम एक खाते के 20,000 रुपये देते थे। ग्राहकों से आधी रकम आने के 15 दिन बाद कनाडा टोरंटो की एक होल्ड टिकट एजेन्टों के माध्यम से ग्राहकों के नाम पर होल्ड करा देते थे और उक्त टिकट को ग्राहकों को मेल कर देते थे। टिकट मेल करने के बाद ग्राहकों से बांकी बची हुयी रकम मांग लेते थे। उसके बाद फेसबुक पर फर्जी आईडी पर किया गया एड को हटाकर जिस फोन व सिम से कॉल करते थे उस फोन व सिम को तोड़कर फेंक देते थे। उसके बाद दूसरे ग्राहकों को फसांने के लिये उसी प्रकार एक नया फोन व सिम लेकर उसी तरह फेसबुक पर फेक आईडी बनाकर वैसा ही एड डालकर लोगों से पैसा ठगते थे।

अभियुक्तों ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना के कारण विदेशी फ्लाईट बन्द हो गयी थी। जिस कारण काम बन्द हो गया था। लॉकडाउन में घर पर ही थे। उसके बाद वर्ष 2021 में सावर सिंह नेगी, सोनू उर्फ मनोज, सन्दीप वडेरा व मेरे द्वारा पुनः इसी काम को शुरु किया। जिस दौराने मैं दिनेश बनकर, सावर सिंह नेगी, राजीव बनकर फोन पर बात करते थे। काम शुरू करने के एक महीने बाद मेरी (राजीव ) फेसबुक पर मैसेंजर के माध्यम से अमरजीत सिंह निवासी अमृतसर, पंजाब से बातचीत हुयी जो यही काम को करता था। उसके पास वर्ष 2020 से रमेश काम्बोज व उसके परिवार निवासी हरीपुर छोई, रामनगर, नैनीताल के 4 सदस्यों के पासपोर्ट थे। मई 2021 में अमरजीत ने हमें सौरभ उर्फ सुभाष निवासी पंजाब के माध्यम से रमेश काम्बोज व उसके परिवार के कुल 05 पासपोर्ट दिल्ली भिजवाये। उसके बाद हमने रमेश काम्बोज व उसके परिवार का कनाडा टोरंटों का फर्जी दस्तावेज ऑफर लेटर, एग्रीमेन्ट आईआरसीसी लेटर व वीजा कापी बनाकर सौरभ उर्फ सुभाष को मेल के माध्यम से दिया। उस बीच अमरजीत ने रमेश काम्बोज से लगभग 6 लाख रुपये ले लिये थे, जो हमें नहीं दिये व अमरजीत हमसे कहता रहा कि पैसे मैंने अभी नही लिये है।

फिर एक दिन सावर सिह नेगी उर्फ राजीव ने आधार कार्ड पर रमेश काम्बोज का मोबाइन नं. देखा और रमेश काम्बोज को काल की और रमेश काम्बोज को अपने विश्वास में ले लिया। जुलाई 2021 में सावर सिंह नेगी ने रमेश काम्बोज से राजीव के नाम पर फर्जी खाते में 4.50 लाख रुपये मंगाये। दिनांक 13 जुलाई 2021 को मैं, सावर सिंह नेगी, रिविका मनी और धर्मेन्द्र (टैक्सी ड्राइवर) दिल्ली से सावर सिंह नेगी की आर्टिका गाडी सं. एचआर 55 एएच 7741 से रामनगर आये। रामनगर में हम 14 जुलाई को 2.00 बजे होली डे इन में रुके। हमने दो कमरे बुक किये हुये थे। उसी दिन मैं व सावर सिंह नेगी सुबह 9.00 बजे होटल से निकलकर छोई में हम रमेश काम्बोज से मिलने के लिये उनके घर गये। वो हमे हनुमान धाम व सिक्स सीजन होटल बैलपडाव में ले गये। जहाँ पर मैं दिनेश नाम व सावर सिंह नेगी ने राजीव के नाम से बात की। मिलने के बाद हम जहाँ मेरे व धर्मेन्द्र के नाम से व सावर सिंह नेगी व रिविका के नाम से एक-एक रूम बुक था। एक दिन की बुकिंग हमने आन लाईन की थी। मैं अपनी आई डी नितिन के नाम से व सावर सिंह नेगी ने अपने नाम की ही आईडी दी।

रिविका मनी निवासी मुम्बई जो सावर सिंह नेगी की गर्लफ्रेण्ड है और मॉडलिंग करती है। सावर सिंह नेगी रिविका मनी से वर्ष 2019 से बात करता है। उसके बाद 15 जुलाई को हम दिल्ली आ गये थे। दिल्ली पहुँचकर सावर सिंह नेगी ताज सिटी सेंटर, गुड़गांव में अपनी गलफ्रेण्ड के साथ रुका। उसके बाद सावर सिंह नेगी ने रमेश काम्बोज से टुकड़ों में कुल 53 लाख रुपये लिये जो सांवर सिह नेगी ने राजीव के नाम से खुलवाये गये फर्जी खाते में मंगाये थे। हम लोग जो भी धोखाधड़ी करते थे उसमें से 20 प्रतिशत पैसे सावर सिंह नेगी मुझे देता था तथा 80 प्रतिशत अपने पास रखता था। सावर सिंह नेगी ने उक्त धोखाधड़ी से अब तक लगभग 100 लोगों को ठग लिया होगा।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 420/467/468/471/419/120 बी के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल ने उक्त अभियोग का खुलासा करने तथा अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी पर गिरफ्तारी टीम को 5,000 रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है।

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