विकास अग्रवाल
कुंडा/काशीपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने अपने आपको सुप्रीम कोर्ट का वकील बताने वाले व्यक्ति पर उसकी लाखों की जमीन को 8 लाख रुपये में हड़पने का आरोप लगाया है।
ग्राम सरवरखेड़ा (मल्होत्रा फॉर्म), काशीपुर निवासी रघुवीर सिंह पुत्र हरभजन सिंह ने एसएसपी को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि उसकी जान-पहचान वरुण शर्मा पुत्र अखिलेश कुमार शर्मा निवासी मौ. आर्यनगर, काशीपुर, जो कि पेशे से अधिवक्ता है से थी। अक्टूबर 2022 के प्रथम सप्ताह में उसे 8 लाख रुपये की आवश्यकता हुई तो उसे वरुण शर्मा ने 10 लाख रुपये का चैक दिया और उसने 2 लाख रुपये वरुण शर्मा को नकद ब्याज के ले लिए।


रघुवीर सिंह ने बताया कि कम पढ़ा-लिखा होने के कारण वरुन शर्मा ने एक एग्रीमेंट दिनांक 17.10.2022 को उप-निबंधक कार्यालय, काशीपुर में उसके सरवरखेड़ा में मौजूद 2000 फिट के प्लॉट का कराया। जिसमें रजिस्ट्री दिनांक 16.09.2023 अंकित की गई। उसे बाद में यह जानकारी हुई कि वरुण शर्मा ने उसकी लाखों की जमीन का सौदा मात्र 8 लाख रुपये में कर लिया। उसके बाद वरुण शर्मा द्वारा उस पर एग्रीमेंट में गलत चौहद्दी दिखाकर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाने लगा।
रघुवीर सिंह ने बताया कि वरुण शर्मा ने आज दिनांक तक उससे 9 लाख 84 हजार रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त किए हैं और उसके बाद भी वह उसे लगातार धमकी दे रहा है कि वह एक सुप्रीम कोर्ट का अधिवक्ता है और उसे झूठे मुकदमें में जेल भिजवा देगा और उस पर दबाव बनाकर एग्रीमेंट की तारीख भी आगे बढ़वा ली और उससे दो ब्लैंक चैक व उसके पुत्र गुरूसेवक के तीन चैक अपने पास रख लिये गये।
रघुवीर ने कहा कि उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है, क्योंकि वह वरुण शर्मा को ब्याज के रूपये देते-देते थक चुका है। उसने वरुण शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी के आदेश पर कुंडा थाना पुलिस ने वरुण शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई अर्जुन सिंह के हवाले की है।
वहीं, आर्यनगर, काशीपुर निवासी वरुण शर्मा पुत्र अखिलेश कुमार शर्मा ने सीओ काशीपुर को शिकायत्री पत्र देकर बताया कि उसने दिनांक 17.10.2002 को रघुवीर सिंह पुत्र हरभजन सिंह निवासी ग्राम सरवरखेड़ा, मल्होत्राफार्म, काशीपुर से 11 लाख रुपये में 2000 फिट का प्लॉट खरीदने का एग्रीमेंट किया था। जब उसने रजिस्ट्री कराने के लिए रघुवीर सिंह व उसका पुत्र गुरु सेवक से कहा तो उपरोक्त लोग समय लेते रहे।
वरुण शर्मा ने बताया कि उसने जब उक्त लोगों को 95 प्रतिशत पैसा दे दिया तो उक्त प्रोपर्टी पर कब्जे के लिए अपने नाम का बोर्ड लगवा दिया। दिनांक 05.11.2024 को उसके पास मल्होत्रा फार्म से सूचना आई कि उसका वह बोर्ड चोरी हो गया है। जब उसने जमीन पर जाकर पता किया तो करनैल सिंह, अंग्रेज सिंह व लवप्रीत सिंह ने बताया कि उपरोक्त जमीन रघुवीर व गुरू सेवक ने पूर्व में बेच रखी है। जिसकी रजिस्ट्री सुखविन्दर कौर निवासी ग्राम खरमासा के नाम है और उनके सामने ही गुरु सेवक ने बोर्ड गिराया है और उसी ने गायब किया है।
वरुण शर्मा ने बताया कि रघुवीर सिंह व गुरू सेवक ने उसके पैसे हड़पने कि नीयत से झूठे दस्तावेज तैयार कर उससे रजिस्ट्रार कार्यालय, काशीपुर में षड़यंत्र के तहत रजिस्ट्रर्ड एग्रीमेन्ट कराकर 5-5 लाख रुपये के 2 चैक ले लिये और उनके जरिए 10 लाख रुपये वसूल लिए और दो व्यक्तियों को एक ही जमीन बेच दी। उसनके उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
कुंडा थाना पुलिस ने सीओ के आदेश पर रघुवीर सिंह व गुरु सेवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई जगदीश चंद्र तिवारी के हवाले की है।







