एक महिला सहित 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जसपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने दोस्त बनकर दूसरे व्यक्ति को 7 लाख का चूना लगा दिया। गाड़ी बेचने वाले से ही गाड़ी फाइनेंस कराकर किश्ते भरने से किया मना, गाड़ी वापिस मांगने पर अपनी पत्नी व पुत्रों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
नई बस्ती, जसपुर निवासी सलीम अहमद पुत्र शरीफ अहमद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, जसपुर की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया कि उसके पड़ोस में ही रहने वाले हफीजुर्रहमान पुत्र अब्दुल सईद से उसकी दोस्ती थी। उसके पास एक कार हुन्डई क्रेटा थी जिसे देखकर उसका दोस्त हफीर्जुरहमान उससे उक्त गाड़ी लेने की बात करता और कहता कि तुम ये गाड़ी मुझको दे दो, देखो अगर तुमने ये मेरे अलावा किसी और को दी तो अच्छा नहीं होगा, हमारे सम्बन्ध खराब हो जायेंगे।
सलीम ने बताया कि संबंधों की वजह से वह अपनी उक्त गाडी हफीजुर्रहमान को 7 लाख 50 हजार रुपये में बेचने को राजी हो गया। हफीजुर्रहमान ने उसे 50 हजार रुपये बयाने के दे दिये और गाड़ी के मूल कागजात व गाड़ी को ले गया तथा शेष 7 लाख रुपये देने के लिए 10 दिन का समय ले लिया। 10 दिन बाद जब उसने हफीजुर्रहमान से अपनी गाड़ी की रकम के लिए कहा तो हफीजुर्रहमान ने कहा कि मैं आपकी गाड़ी पर फाईनेन्स करा रहा हूँ, फाईनेन्स होते ही मैं आपको आपकी रकम दे दूँगा। जिस पर उसने हफीर्जुरहमान से गाड़ी पर उसके (सलीम) नाम से फाईनेन्स कराने को साफ मना कर दिया।
सलीम ने बताया कि इस पर हफीजुर्रहमान ने उसे दोस्ती/सम्बन्धों का वास्ता देकर कि आपको शिकायत का मौका नहीं मिलेगा, उसे मना लिया और उसकी गाड़ी पर 7 लाख रुपये का फाईनेंस करा लिया जिसकी किश्त 23,330 रुपये हफीजुर्रहमान को जमा करनी थी। हफीजुर्रहमान ने लोन होने के बाद की मात्र दो माह की किश्तें उसे नकद दे दीं, उसके बाद किश्तों को जमा करने के बजाय उसे अपनी मजबूरी बता-बताकर अक्टूबर 2023 से मई 2025 तक की टोटल 20 किश्तें जिसकी रकम 4,66,600 रुपये, उससे जमा करवा दीं।
सलीम ने बताया कि उसके द्वारा हफीजुर्रहमान से बार-बार किश्तों के पैसों को कहा, लेकिन हफीजुर्रहमान बार-बार मजबूरी बताकर उसे बहाना बना देता। फिर उसके पिता शरीफ अहमद से अपनी मजबूरी बताकर छः माह का समय ले लिया कि आप अपने पुत्र को कह दो कि अभी मैं परेशान हूँ, कुछ समय बाद दे दूँगा। इस पर उसने 6 माह बीतने के बाद फिर से उससे तकादा किया तो उसे किश्तों के पैसे देने से साफ इंकार कर दिया और बोला कि मुझसे बार-बार पैसों को मत कहना, वरना मैं तुम्हें अपनी पत्नी से हमसाज होकर बलात्कार के झूठे मुकदमें में फंसवाकर जेल में भिजवा दूंगा।
सलीम ने बताया कि जब उसने हफीजुर्रहमान से अपनी गाड़ी और रकम लौटाने को कहा तो हफीजुर्रहमान गुस्से में आग बबूला हो गया और उसे गन्दी-गन्दी गालिया और जान से मारने की धमकी देने लगा और कहने लगा कि मैंने तुझे पहले ही समझाया था लेकिन तू ऐसे मानने वाला नहीं है, जब तक तुझे बलात्कार के झूठे मुकदमे में जेल नहीं भिजवाया जायेगा तब तक तू नहीं मानेगा और फिर दिनाक 30.01.2025 को उसके पैसे और गाड़ी हड़पने की नीयत से उक्त हफीजुर्रहमान ने अपनी पत्नी से हमसाज होकर उसके खिलाफ बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया तथा दिनांक 15.05.2025 की रात्रि के लगभग 9 बजे हफीजुर्रहमान अपने तीनों पुत्रों अमन रहमान, कैफ, अलसैफ व पत्नी से हमसाज व एकराय होकर मदीना इन्क्लेव, नई बस्ती, जसपुर में मुझे देखकर गन्दी-गन्दी गालियां देने लगे। जब उसने उनका विरोध किया तो उक्त सभी उसे लात घूंसों से मारने-पीटने लगे।
सलीम ने बताया कि उसे पता चला कि हफीजुर्रहमान की पत्नी ने उसके व बीच बचाव कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ गाली गलौच व बलात्कार का एक और झूठा प्रार्थना पत्र कोतवाली जसपुर में दिया है, जिसकी वजह से वह शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित है तथा उसे उक्त दोनों से अपनी जान व माल का खतरा बना हुआ है। उसे डर है कि उक्त दोनों भविष्य में उसके व उसके परिवार के खिलाफ कोई भी अप्रिय घटना कारित करके झूठे मुकदमें में फंसवा सकते हैं।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सलीम अहमद की तहरीर के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 316(2), 318(4), 351(2), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई रुचिका रानी के हवाले की है।



