जसपुर (महानाद) : एक युवक ने जसपुर निवासी एकजेंट के खिलाफ उसे व व एक अन्य युवक को विदेश भेजकर उन्हें बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड करवाने का आरोप लगाया है। युवक जैसे-तैसे अपने घर वापिस लौटा और एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मौहल्ला जुलाहान, नूरानी मस्जिद, जसपुर निवासी मौ. आजम पुत्र मौ आलम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने बीएसवी इंटर कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई की है तथा जसपुर में रहकर ही अंग्रेजी व कम्प्यूटर का कोर्स किया है। उसके मौहल्ले में ही सुनील पुत्र नन्हे सिंह निवासी सरकारी अस्पताल के पास, डॉ. गुलाब राणा वाली गली, जसपुर रहता है जो नौकरी लगवाने का नाम पर लोगों को विदेश भेजता है।


आजम ने बताया कि सुनील ने करीब 2-3 माह पहले उसके पिता से सम्पर्क किया तथा कहा कि तुम्हारे लड़के की नौकरी ऑफिस के काम में थाईलैण्ड मे लग जायेगी, अगर उसे कम्पयूटर चलाना आता है तो। कम्प्यूटर पर ऑफिस का काम करना होगा, जिसके 60-70 हजार रुपये तक की सैलरी आसानी से मिल जायेगी। उसके पास कोई रोजगार ना होने के कारण वे सुनील के बहकावे में आ गये और उसके पिता ने उधार लेकर पैसों का इंतजाम कर सुनील को 70 हजार रुपये नगद दे दिये। सुनील ने उसके अलावा मौहल्ले के ही जुनैद पुत्र रईस को थाईलैण्ड भेजने के लिए भी उसके पिता से 70 हजार रुपये नगद लिये थे।
आजम ने बताया कि सुनील दिनांक 15-09-2025 को उसे, जुनैद और दोनों के पिता को कार में साथ बैठाकर दिल्ली ले गया, दिल्ली से सुनील ने उन्हें थाईलैण्ड की फ्लाईट में बैठा दिया। सुनील ने जाते वक्त उनसे कहा था कि थाईलैण्ड में बैंकाक एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद बाहर रोड पर खड़े हो जाना, वहाँ पर एक आदमी आयेगा जो अपने मोबाईल में तुम दोनों की फोटो दिखायेगा, उस आदमी के साथ चले जाना, वो तुम्हें कम्पनी तक ले जायेगा। वे सुनील की बाते मानकर बैंकाक एयरपोर्ट पर जाकर बाहर रोड पर खड़े हो गये, जहाँ पर एक आदमी उन्हें कार से लेने आया और उन्हें कार से जंगल के रास्ते किसी रिवर तक ले गया, जहाँ पर नाव में बैठाकर हमे रिवर पार करायी। रिवर पार करने के बाद उन्हें पता चला की वे लोग म्यामार पहुँच गये हैं।
आजम ने बताया कि वहाँ पर एक एजेन्ट ने उनका इन्टरव्यू करवाकर उन्हें एक कम्पनी में काम पर लगा दिया, वहाँ पर उन्हें पता चला कि उनसे साइबर फ्रॉड का काम करवाया जा रहा था। उसने यह बात अपने पिता को बतायी और उसे घर वापिस लाने की व्यवस्था करने के लिए कहा। उसके पिता ने सुनील से बात की तो सुनील ने कहा कि अगर वापिस बुलाना है तो 4 लाख रुपये देने पड़ेंगे, लड़का तभी वापिस आयेगा।
आजम ने बताया कि दिनांक 22.10.25 को मौका पाकर वह कुछ लड़कों के साथ कम्पनी से भाग निकलने और बड़ी मुश्किल से थाईलैण्ड बॉर्डर पर पहुँचे। बॉर्डर पर उन्होंने आर्मी वालों को अपनी समस्या बतायी तो आर्मी वालों ने एम्बेसी से बात कर उन लोगों को रेस्क्यू कर भारत वापिस भिजवा दिया।
आजम ने कहा कि सुनील ने उन लोगों को ऑफिस में कम्प्यूटर की नौकरी थाइलैंड में करने का झाँसा देकर धोखाधड़ी करते हुए उनसे 70-70 हजार रुपये हड़प लिये और उन लोगों को थाइलैंड में काम करने का झाँसा देकर म्यामांर में बन्धक बनाकर साइबर फ्रॉड का काम करने के लिए भेज दिया। अब पैसे वापिस मांगने पर सुनील द्वारा उनके साथ गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसने सुनील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
आजम की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुनील के खिलाफ बीएनएस की धारा 115, 143(1)डी, 143(3), 146, 318(4), 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई विजय सिंह के सुपुर्द की है।







