विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : चैती मेले में ठेकेदार ने फर्जी हैसियत प्रमाण पत्र लगाकर चैती मेला का ठेका हथिया लिया और बाद में सरकार के पूरे पैसे जमा किये बिना गायब हो गया। पुलिस ने एसडीएम के रीडर की शिकायत के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है। वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि चैती मेले का ठेका जब उक्त ठेकेदार के पक्ष में जारी किया था तो क्या प्रशासन ने उसके सभी कागजों की जांच नहीं करवाई थी?
आपको बता दें कि एसडीएम / मेलाधिकारी काशीपुर श्री चैती मेला काशीपुर के कार्यालय में रीडर पद पर तैनात राहुल जोशी आईटीआई कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि श्री चैती मेला काशीपुर के वर्ष 2026 के संचालन हेतु दिनांक 07.03.2026 को निविदायें खोली गई थीं, जिसमें कई निविदादाताओें द्वारा प्रतिभाग किया गया था। दुकान एवं तहबाजारी की निविदा की मुख्य शर्तों के अनुसार कम से कम 50.00 लाख रुपये की धनराशि का हैसियत प्रमाण पत्र दाखिल करना आवश्यक था और उक्त प्रमाण पत्र उपजिलाधिकारी स्तर से नीचे का नहीं होना चाहिए था।
राहुल जोशी ने बताया कि उक्त के कम में दुकानों एवं तहबाजारी हेतु निविदाकारों ने प्रतिभाग किया, उनके द्वारा अपने-अपने प्रपत्र जमा किये गये एवं उसके उपरान्त उच्च बोलीदाता मै. देव इण्टरप्राईजेज, हिम्मतपुर हेमपुर इस्माईल, काशीपुर को वर्ष 2026 श्री चैती मेला काशीपुर में दुकानों एवं तहबाजारी के नाम ठेका 3 करोड़ 11 लाख रुपये में जारी कर दिया गया।
राहुल जोशी ने बताया कि उक्त देव इण्टरप्राईजेज के 2 पार्टनर उमेश कुमार सिंह पुत्र मनवीर सिंह व ज्योतसना पुत्री मनवीर सिंह निवासीगण हिम्मतपुर, हेमपुर इस्माईल, बाजपुर रोड, काशीपुर हैं। इनकी ओर से मुख्तारेखास की हैसियत से कृष्ण पाल भारद्वाज पुत्र मनवीर सिंह निवासी हिम्मतपुर, हेमपुर इस्माईल बाजपुर रोड, काशीपुर ने टेण्डर प्रक्रिया में प्रतिभाग किया। ठेका लेने के उपरान्त इन लोगों ने अग्रिम धनराशि जमा कर श्री चैती मेला काशीपुर वर्ष 2026 में कार्य किया।
राहुल जोशी ने बताया कि इनके द्वारा मेला पूर्ण होने के उपरान्त भी ठेके की कुल धनराशि में से केवल 1 करोड़ 80 लाख 83 हजार 777 रुपये की धनराशि जमा की गयी, शेष धनराशि 1 करोड़ 30 लाख 16 हजार 223 रुपये जमा नहीं की गयी। धनराशि बकाया होने के कारण मेलाधिकारी द्वारा मै. देव इण्टरप्राईजेज की अचल सम्पत्ति को सरकार में निहित करने हेतु जांच तहसीलदार काशीपुर को दी गयी।
राहुल जोशी ने बताया कि तहसीलदार काशीपुर द्वारा अपनी जांच आख्या में लिखा है कि मै. देव इण्टरप्राईजेज के प्रोपराईटर उमेश कुमार सिंह पुत्र मनवीर सिंह व ज्योत्सना पुत्री मनवीर सिंह निवासी हिम्मतपुर, हेमपुर इस्माईल, बाजपुर रोड, काशीपुर की अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में ग्रामवासियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में बताया गया कि उपरोक्त का एक मकान ग्राम हेमपुर इस्माईल में है, जिसकी मौके पर जाकर जाँच की गयी। जाँच में उपरोक्त मकान खसरा नं. 57 के मध्य होना पाया गया, जोकि उपरोक्त के नाम दर्ज अभिलेख नहीं है। आस-पड़ोस से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि उपरोक्त मकान स्टाम्प पर क्रय किया गया है, जिस पर लगा मीटर कृष्णपाल भारद्वाज के पिता मनवीर सिंह के नाम से है तथा वर्तमान में उपरोक्त मकान के मुख्य गेट पर ताला लगा है।
राहुल जोशी ने बताया कि कृष्ण पाल भारद्वाज की अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि क्षेत्र खोखराताल अन्तर्गत कृष्ण पाल भारद्वाज के नाम कोई भी भूमि दर्ज अभिलेख नहीं है, केवल उनकी पत्नी हेमा जोशी के नाम ग्राम खोखराताल के खाता सं. 56 के खसरा नं. 99 मि. रकबा 0.011 है. भूमि वर्ग 1ग विशेष श्रेणी में दर्ज है तथा उक्त भूमि पर पक्का आवासीय भवन / आवासीय विला बना हुआ है।
राहुल जोशी ने बताया कि फर्म मै. देव इण्टरप्राईजेज के प्रोपराईटर उमेश कुमार सिंह व ज्योत्सना के मुख्तारेआम कृष्णपाल भारद्वाज द्वारा श्री चैती मेला 2026 में दुकान एवं तहबाजारी के टेण्डर हेतु आवेदन करते समय हैसियत प्रमाण पत्र जारी दिनांक 29.01.2026 जो उमेश कुमार सिंह पुत्र मनवीर सिंह के नाम से है, को संलग्न किया गया है, जिसकी जाँच ई-डिस्ट्रिक्ट कार्यालय तहसील कार्यालय काशीपुर से करवायी गयी तो हैसियत प्रमाण पत्र आवेदक महेन्द्र सिंह पुत्र कुंवर सिंह निवासी ग्राम पंचायत कौली कन्याल पट्टी, तोली, तहसील बंगापानी, जिला पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड के नाम 5.02.2026 को जारी होना पाया गया, जिससे विदित होता है कि दुकान एवं तहबाजारी की टेण्डर पत्रावली श्री चैती मेला 2026 में संलग्न हैसियत प्रमाण पत्र जो उमेश कुमार सिंह के नाम दर्ज है।
राहुल जोशी ने बताया कि उक्त हैसियत प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से बनाया गया है तथा उक्त हैसियत प्रमाण पत्र तहसील काशीपुर से जारी नही हुआ है। अतः फर्म मै. देव इण्टर इण्टर प्राईजेज के प्रोपराईटर उमेश कुमार सिंह द्वारा श्री चैती मेला 2026 में दुकान एवं तहबाजारी के टेण्डर हेतु जो हैसियत प्रमाण पत्र संलग्न किया है वह कूटरचित तरीके से बनाया गया हैं।
राहुल जोशी ने बताया कि इस प्रकार यह स्पष्ट है कि जो हैसियत प्रमाण पत्र निविदा के समय मै. देव इण्टर इण्टरप्राईजेज के साझेदार उमेश कुमार सिंह व ज्योत्सना व मुख्तारेखास कृष्ण पाल भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत किया गया है वह कूटरचित है और उस पर उपजिलाधिकारी काशीपुर के कुटरचित हस्ताक्षर बनाये गये हैं। इन लोगों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर श्री चैती मेला 2026 काशीपुर का ठेका प्राप्त किया और इनके द्वारा आर्थिक अपराध भी किया गया है। और इनके द्वारा यह कूटरचना पूर्व से ही धोखाधड़ी के उद्देश्य से मन में छल का आशय रखते हुए की गई है। यह तीनो लोग गिरोह बन्द संगठित अपराधी हैं, इनके द्वारा गिरोह बनाकर कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से ठेका प्राप्त कर संगठन सिंडिकेट के रूप में संयुक्त कार्य करके कूटरचित हैसियत प्रमाण पत्र बनाकर सरकार के 1,30,16,223 रुपये हड़प लिये गये हैउक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही करने का कष्ट करें।
आपको बता दें कि अब सवाल यह उठता है कि जब श्री चैती मेले का ठेका मै. देव इण्टर इण्टरप्राईजेज के नाम पर जारी किया गया था क्या तब उक्त फर्म द्वारा जमा किये गये सभी दस्तावेजों की जांच नहीं की गई। जिस कारण उक्त फर्म सरकार को चूना लगाने में कामयाब हो गई। वहीं उक्त श्री चैती मेले का ठेका लेने के ठच्छुक लोगों के लिए भी एक सबक है कि मेले में वे जिस कमाई का अनुमान लगा कर ऊंची दरों पर निविदायें डालते हैं वह घाटे का सौदा है।
बहरहाल, आईटीआई कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर उक्त 3 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5), 318(4), 336, 338, 340 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसएसआई अरविन्द बहुगुणा को सौंपी गई है।



