सुल्तानपुर पट्टी (महानाद) : सरकार द्वारा सुल्तानपुर पट्टी का नाम कौशल्यापुरी करने से रोषित पार्षदों ने जिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखण्ड, देहरादून को पत्र भेजकर नाम न बदलने की मांग की है।
नगर पंचायत सुल्तानपुर के सभी सातों पार्षदों ने पत्र भेजकर कहा है कि –
1. उत्तराखण्ड शासन ने नगर पंचायत सुल्तानपुर का नाम बदलकर कौशल्यापुरी करने का आदेश दिया है जिसका हम सभी सदस्यगण विरोध करते हैं।
2. उक्त नगर पंचायत सुल्तानपुर का नाम सैकड़ों वर्षों से सुल्तानपुर चला आ रहा है जो कि सुल्तानपुर वालों की असली पहचान है। जिससे सभी नगरवासी गौरव महसूस करते हैं।
3. नगर पंचायत सुल्तानपुर कोई विशेष धर्म या जाति पर आधारित नाम नहीं है, प्राचीन तथ्य है कि सुल्तानपुर का नाम एक कान्तिकारी तथा गौरवशाली व गरीबों के मसीहा सुल्तान सिंह के नाम पर रखा गया था जो सुल्तानपुर वासियों के लिए गौरव की बात है तथा असली पहचान है।
4. हम सभी सभासदों ने अपने-अपने वार्डों में घूम कर प्रत्येक व्यक्ति की राय ली है। समस्त सुल्तानपुर वासियों का कहना है कि सुल्तानपुर का नाम कौशल्यापुरी न बदला जाए जिससे सभी सुल्तानपुर वासी सहमति प्रमाण पत्र तथा शपथ प्रमाण पत्र देने के लिए तैयार हैं।
5. सुल्तानपुर का नाम बदलकर कौशल्यापुरी करने का हम सभी सभासद विरोध करते हैं तथा समस्त सुल्तानपुर वासी भी विरोध करते हैं।
6. नगर पंचायत सुल्तानपुर का नाम बदलने तथा कौशल्यापुरी करने से हम सभी सभासद तथा नगरवासी ठगा सा महसूस कर रहे हैं तथा जनता आन्दोलन करने के लिए बाध्य है, क्योंकि नाम बदलने से समस्त सुल्तानपुर वासियों की प्राचीन पहचान समाप्त हो जायेगी।
7. नगर पंचायत सुल्तानपुर का नाम कौशल्यापुरी करने से क्षेत्र की जनता को कोई लाभ तो नहीं होगा परन्तु नगर पंचायत की गरीब जनता पर अतिरिक्त बोझ, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेंस आदि प्रपत्रों, के नाम बदलने के अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
8. नाम बदलने से हर सरकारी व गैर सरकारी संस्था में साईन बोर्ड और अन्य प्रपत्रों के नाम बदलने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
9. नाम बदलने से न तो नगर पंचायत की जनता को कोई लाभ प्राप्त हो रहा है और न ही नगर पंचायत की जनता नाम बदलने के पक्ष में है।
सभी पार्षदों ने मांग की है कि नगर पंचायत्त सुल्तानपुर का नाम बदलकर कौशल्यापुरी न किया जाए।



