रुद्रपुर (महानाद) : प्रतिबंध के बावजूद ग्रीष्मकालीन धान की बुआई की मिल रही शिकायतों के बाद डीएम नितिन भदौरिया एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण/जांच कर धान की नर्सरिया नष्ट करने के आदेश दिये हैं।
अपने अधिनस्थ अधिकारियों की बैठक आयोजित कर डीएम नितिन भदौरिया ने कहा कि ग्रीष्मकालीन धान की बुआई 31 मार्च तक सशर्त अनुमति के साथ दी गयी थी। इसके बावजूद भी जनपद में ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी व बुआई की शिकायतें मिल रही हैं जो गम्भीर विषय है। उन्होंने तत्काल सभी उप जिलाधिकारियों, कृषि अधिकारियों, भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण/जांच कर धान बुआई पर प्रतिबन्ध लगायें। उन्होंने कहा कि दलदली व पानी वाली भूमि में भी सशर्त धान बुआई की स्वीकृति दी गयी थी, उसकी भी जांच की जाये। उन्होंने कहा कि अब ग्रीष्मकालीन धान की बुआई किसी भी दशा में नहीं की जायेगी। आगामी माह मई तक धान की नर्सरी लगाने पर भी पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। मई के बाद धान की नर्सरियां लगायी जायेगीं।
डीएम भदौरिया ने कहा कि गेंहू की फसल में आग लगने की भी सूचना मिल रही है, इसकी रोकथाम एवं तत्काल कार्यवाही हेतु सभी राजस्व, कृषि, भूमि संरक्षण अधिकारी/कर्मचारी व अग्निशमन विभाग तत्काल कार्यवाही हेतु तैयार रहें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, कौस्तुभ मिश्र, अभय प्रताप सिंह, डॉ. अमृता शर्मा, ओसी गौरव पाण्डेय, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, एआर कोऑपरेटिव सुमन कुमार सहित अन्य सभी उप जिलाधिकारी व तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।
वहीं, डीएम का आदेश मिलते ही प्रशासन भी एक्शन में आ गया है और अधिकारियों ने ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरियों में जेसीबी चलाकर उन्हें नष्ट करना शुरु कर दिया है।वहीं, डीएम का आदेश मिलते ही प्रशासन भी एक्शन में आ गया है और अधिकारियों ने ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरियों में जेसीबी चलाकर उन्हें नष्ट करना शुरु कर दिया है।
