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Thursday, March 26, 2026
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दहेज उत्पीड़न ने ले ली युवती की जान, ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज

काशीपुर (महानाद) : दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर एक युवती ने विषैला पदार्थ पीकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने युवती के भाई की तहरीर के आधार पर युवती व उसके ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

पुतलीघर रोड, डॉ. अशोक के सामने, मझोला, मुरादाबाद निवासी रोहित चौहान पुत्र विजय कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन मीनू चौहान का विवाह कृष्णवीर सिंह पुत्र अखिलेश सिंह निवासी आदर्श नगर, काशीपुर के साथ दिनांक 17.2.2020 को मुरादाबाद में सम्पन्न हुआ था। जिसमें उसके परिवार वालों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज में 2,51,000 रुपये नकद, पैनासोनिक का एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन व अन्य घरेलू समान दिया था। परन्तु दहेज में मिले उक्त सामान से उसकी बहन के पति कृष्ण वीर सिंह, ससुर अखिलेश सिंह, सास सुषमा देवी, देवर यशवन्त सिंह खुश नहीं हुये और अक्सर ही उसकी बहन को कम दहेज लाने व दहेज में बुलट मोटरसाईकिल ना देने के ताने देते व बुलट मोटर साइकिल अपने मायके से लेकर आने के लिये दबाब बनाते, गन्दी गन्दी गालियां देते हुए उक्त सभी लोग उसकी बहन के साथ लात-घूसों से मारपीट करते व खाने पीने को भी तंग रखते थे।

रोहित ने बताया कि उसकी बहन समय-समय पर अपने मायके वालों को उक्त सब उत्पीड़न व मांग के बारे में बताती थी। वे लोग समय-समय पर कुछ रुपये उसकी बहन के ससुराल वालों को देते रहे, जिससे उसकी बहन की घर-गृहस्थी बनी रहे। लेकिन इन सबके बावजूद भी उसकी बहन के ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए और दहेज में बुलट मोटर साईकिल की अपनी मांग पर अड़े रहे तथा उसका लगातार उत्पीड़न करते रहे।

रोहित ने बताया कि दिनांक 21.3.2026 की रात्रि के लगभग 8 बजे उसे पता चला कि उसकी बहन की तबियत अत्यन्त ही गंभीर है और वह काशीपुर के एक अस्पताल में भर्ती है। वह तुरन्त अपने परिवार के साथ अस्पताल आ गया तथा बहन से मिलने पर पता चला कि उसकी बहन के ससुरालियों व पति द्वारा अत्यधिक उत्पीडन व आये-दिन के लड़ाई झगडे से मजबूर होकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिये विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया है। उसकी बहन की अत्यन्त गभीर स्थिति होने के कारण 23.3.2026 को उसकी मृत्यु हो गई।

रोहित ने कहा कि उपरोक्त मुल्जीमानों ने उसकी बहन को कम दहेज लाने और दहेज की मांग पूरी ना हो पाने के कारण तडपा-तड़पा के मरने के लिये मजबूर कर दिया। उक्त लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाये।

रोहित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवती के पति व ससुरालियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच सीओ विभव सैनी के हवाले की है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) दहेज मृत्यु के लिए दंड निर्धारित करती है। इसके अनुसार, यदि शादी के 7 साल के भीतर असामान्य परिस्थितियों में महिला की मृत्यु होती है और दहेज उत्पीड़न साबित होता है, तो दोषी को कम से कम 7 वर्ष की सजा होगी, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। यह पहले के IPC 304B के समान है।

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