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Friday, January 30, 2026
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रोगों की जड़ों को समझने और भविष्य की चिकित्सा दिशा तय करने के लिए जेनेटिक्स ही है प्रमुख आधार

सुहानी अग्रवाल
देहरादून (महानाद) : Devbhoomi Academy of Pediatrics (IAP Uttarakhand) द्वारा देहरादून में “Genetics – The Future of the World” विषय पर उत्तराखण्ड का पहला जेनेटिक्स व्याख्यान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस शैक्षणिक आयोजन का नेतृत्व Dr. Hans Vaish, Dr. Ravi Sahota और Dr. Rakesh Kumar ने किया।
विशेषज्ञों की भागीदारी –
कार्यक्रम में देश के विख्यात विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रहे:
•Dr. Veronica (Sir Ganga Ram Hospital, नई दिल्ली)
•Dr. Joshi (Fortis Hospital)
•Dr. Sumeet Dhawan (Apollo Hospital, चंडीगढ़)
मुख्य विषय –
इन विशेषज्ञों ने जेनेटिक्स के अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाला और विशेष रूप से चर्चा की:
•ADHD और Autism Spectrum Disorders
•मिर्गी (Seizures) के मेटाबॉलिक कारण
•Global Developmental Delay के जेनेटिक कारण
विशेष व्याख्यान
•Dr. Hans Vaish ने जीन थैरेपी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विचार प्रस्तुत किए।
•Dr. Ravi Sahota ने बताया कि बच्चों और अभिभावकों के अत्यधिक स्क्रीन टाइम का असर ऑटिज़्म से संबंधित जेनेटिक बदलावों तक देखा गया है, और “डिजिटल फास्टिंग” की आवश्यकता पर जोर दिया।
निष्कर्ष –
यह व्याख्यान न केवल उत्तराखण्ड में बल्कि पूरे क्षेत्र में IAP की शैक्षणिक गतिविधियों का ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। इसने यह संदेश दिया कि रोगों की जड़ों को समझने और भविष्य की चिकित्सा दिशा तय करने के लिए जेनेटिक्स ही प्रमुख आधार है।

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