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Thursday, March 26, 2026
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जसपुर : पानी की सरकारी टंकी के ऑपरेटर और उसके साथियों पर मांस खाकर वॉल चेंबर में फेंकने का आरोप

जसपुर (महानाद) : ग्राम अमियावाला निवासी एक व्यक्ति ने पानी की सरकारी टंकी के ऑपरेटर और उसके साथियों पर मांस खाकर वॉल चेंबर में फेंकने का आरोप लगाते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

ग्राम अमियावाला, जसपुर निवासी धर्म सिंह पुत्र किशन सिंह ने पुसि को तहरीर देकर बताया कि जसपुर तहसील के अंतर्गत अमियावाला में प्रधानमंत्री पेयजल योजना के मिशन के तहत बनी पानी की टंकी के वॉल चेम्बर मे वहा नियुक्त ऑपरेटर व उसके कुछ साथियों द्वारा समय- पर प्रतिबंधित पशुओं के मांस को खाकर उसकी हड्डियो को वॉल चेम्बर में डालकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया जाता है। और कहने पर मारने की धमकी देता है।

धर्म सिंह ने बताया कि कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। पहले नवरात्रि वाले दिन बृहस्पतिवार को दिन महिला व पुरुषों का व्रत था। जल की समस्या होने पर नलकूप चलाने को कहा तो चलाने से मना कर दिया। तब वे प्रयास कर वॉल टैंक के पास गये तो देखा कि उसके अंदर मांस की झूठी प्लेटें व प्रतिबंधित मांस के हड्डे पाये गये। जिस पानी को पीकर हम अपने व्रत करते व शिवलिंग जैसे स्थान पर जल चढ़ाते हैं। जिससे हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचाने का कृत्य किया है।

धर्म सिंह ने बताया कि जिस समय वे लोग वॉल टैंक के पास पहुचे तो वहां पर लोग पकड़े गये। लगभग सुबह 4 बजे जब जब वे लोग वहां पहुचे तो ये लोग प्रतिबंधित मांस खा रहे थे। 1. मौ. शाहनवाज हुसैन पुत्र मौ. तसलीम हुसैन 2. नाजिम हुसैन 3. जुनैद पुत्र मौ0 जमाल 4. मौ. कासिम पुत्र मौ. अलीजान 5. मौ. रिजवान पुत्र मौ. जुम्मा 6. मौ. नावेद पुत्र मौ. जमाल व 7. अफजाल पुत्र मौ. अबरार

धर्म सिंह ने कहा कि ईद का त्यौहार होने पर उन्होंने कोई हो हल्ला नहीं किया, आज ईद बीतने के बाद तहरीर दे रहे हैं उक्त आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये।

धर्म सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस उक्त 7 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई इन्दर सिंह ढलिया के हवाले की है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना अपराध है। यह धारा सांप्रदायिक असामंजस्य को रोकने के लिए है, जिसमें दोषी को 3 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) से संबंधित है। इसके तहत, किसी व्यक्ति या उसके प्रियजन को जान से मारने, गंभीर चोट पहुँचाने, या संपत्ति नष्ट करने की धमकी देने पर 2 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है।

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