spot_img
spot_img
Friday, February 27, 2026
spot_img

काशीपुर : 171 महिलाओं के फर्जी खाते खोलकर हड़प ली 70 लाख से ज्यादा की रकम

विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के जोनल हेड ने काशीपुर शाखा के 5 कर्मचारियों पर 171 महिलाओं के नाम से फर्जी खाते खोलकर कंपनी की 70 लाख रुपये से ज्यादा की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 1 युवती सहित 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

ग्राम नरायना, हरगढ़, जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश निवासी अनिल कुमार सिंह पुत्र हरी प्रताप सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह सोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमेटेड कंपनी जोनल कार्यालय, मुरादाबाद में जोनल हेड के पद पर कार्यरत है। सोनाटा कोटक महिंद्रा बैंक लि. (बैंक) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक वित्त पोषित नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है। कंपनी के माध्यम से गरीब महिलाओं का समूह बनाकर व व्यक्तिगत ऋण स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है, जिसकी एक शाखा का संचालन उनके द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर में किया जा रहा है, जिसका कार्यालय आवास विकास, निकट पीएनबी एटीएम के पास, काशीपुर में स्थित है।

अनिल कुमार ने बताया कि इसी कार्यालय में विशाल गुप्ता पुत्र रमेश चंद्र गुप्ता निवासी डिफेन्स केम्पस कालोनी, नकटिया, थाना कैंट, जिला बरेली – वरिष्ठ शाखा प्रबंधक, अंकित कुमार पुत्र सुरेश सिंह निवासी 241, शेरवासू चन्द, अफजलगढ़, जिला बिजनौर -फील्ड ऑफिसर, लकी कुमार पुत्र महेश सिंह निवासी मन्धया, मीरपुर, मोहन चक, अतावली, मलकपुर सेमली, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश – फील्ड ऑफिसर व रमा वर्मा पुत्री अनिल कुमार वर्मा निवासी मौ. सिंघान, काशीपुर, प्रभात कुमार यादव पुत्र अजय पाल सिंह निवासी सहबाजपुर, जिला संभल, उत्तर प्रदेश – वर्तमान शाखा प्रबंधक आदि के द्वारा अन्य स्थानीय बिचौलियों की मिलीभगत से कूट रचित रचनाओं के द्वारा बैंक खाते में छेड़छाड़ करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक 171 महिला सदस्यों को लगभग 78,87,200 रुपये का ऋण वितरण किया गया, जिसमें षड्यंत्रकारी ढंग से 8,29,862 रुपये रुपये किस्तों में जमा किया गया, शेष 70,54,338 रुपये का गबन किया गया है।

अनिल कुमार ने बताया कि मामले में वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक विशाल गुप्ता को पूर्ण रूपेण दोषी पाया गया है। शेष कर्मचारियों की संलिप्तता एवं मिली भगत से इन्कार नहीं किया जा सकता। गंभीरता को देखते हुए कंपनी द्वारा विभागीय जांच भी कराई जा चुकी है। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में भी विशाल गुप्ता को पूर्ण रूपेण दोषी पाया गया है, जिन्होंने ऑनलाईन 9,19,000 रुपये अपने व्यक्तिगत खाते में प्राप्त किया है और यह अपराध आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। अनिल कुमार ने उक्त 5 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अनिल कुमार सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस नेउपरोक्त 5 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई कंचन कुमार पडलिया के सुपुर्द की है।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles