ओह : साइबर फ्रॉड का पैसा जसपुर में! दो युवकों पर मुकदमा दर्ज

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जसपुर (महानाद) : लगता है अब साइबर ठगी का नया केंद्र जसपुर बनने जा रहा है। पुलिस ने साइबर ठगी के पैसे जसपुर के बैंक के एक खाते में आने और निकाले जाने पर दो युवकों पर मुकदमा दर्ज किया है।

आपको बता दें कि एसएसपी उधम सिंह नगर द्वारा दिये गये संदिग्ध बैंक खातों व अन्य की जाँच कर जाँच आख्या उपलब्ध कराये जाने के सबंध में चौकी प्रभारी नादेही संतोष देवरानी द्वारा बैंक खातों की जाँच की गयी और बैंक खातों का सत्यापन किया गया। उक्त खातों में से बैंक ऑफ बड़ौदा में एक खाते का सत्यापन किया तो पता चला कि खाता धारक का नाम मौहम्मद अरमान पुत्र मदीनुररहमान निवासी जसपुर खुर्द, जसपुर जिला उधम सिंह नगर है।

एसआई संतोष देवरानी ने ज्वाईंट मैनेजर से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि संदिग्ध खाता मौहम्मद अरमान के नाम पर दर्ज है तथा उक्त खाते मे पाँच लाख रूपये का लीन (रोक) लगा हुआ है। उक्त खाते में दिनांक 23-04-2025 को पाँच लाख रुपये ऑन लाईन जमा हुये हैं तथा दिनांक 23-04-2025 को ही कई किश्तों में पहले तीन लाख रुपये, फिर पच्चीस हजार, उसके बाद दो बार में दस-दस हजार, पच्चीस हजार, एक लाख पच्चीस हजार आदि रुपये निकाले अथवा ट्रांसफर किये गये हैं। इस प्रकार दिनांक 23-04-2025 को ही अलग-अलग तरीकों से पाँच लाख रुपये विड्रॉल कर लिये गये है।

इसके बाद एसआई देवरानी द्वारा संदिग्ध अरमान पुत्र मदीनुरहमान निवासी वार्ड नम्बर 12, मौहल्ला नई बस्ती, जसपुर खुर्द, जसपुर को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि मैं और मेरा दोस्त मौहम्मद आलम पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी आयशा मस्जिद के पास, नई बस्ती, जसपुर के द्वारा साथ में काम किया गया था। मेरे दोस्त आलम ने मुझसे कहा था कि बिजनेस के रुपये आने हैं और मुझसे खाता माँगा गया तो मेरे द्वारा उसको अपना बैंक ऑफ बड़ौदा का खाता नम्बर दे दिया, जिसमें पाँच लाख रुपये आये और मेरे द्वारा रुपये निकाल कर मौहम्मद आलम को दिये गये।

इस पर एसआई संतोष देवरानी ने जानकारी निकाली कि उक्त पैसे किसके द्वारा भेजे गये हैं तो पता चला कि सुरेन्द्र नाम के व्यक्ति ने स्वयं के साथ ट्रेडिंग के नाम पर 31,90,000 रुपये का फ्रॉड होने के सम्बन्ध में ऑन लाईन शिकायत दर्ज करायी है। आवेदक के खाते से दिनांक 23-04-2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा के अरमान के खाते में पाँच लाख रुपये का ट्रान्जेक्शन होना अंकित है। दिनांक 23-04-20205 को ही अरमान द्वारा खाते ने आये पाँच लाख रुपयों को नगद अथवा ऑन लाईन पेमेन्ट के माध्यम से निकाला अथवा ट्रांसफर किया गया है।

एसआई संतोष देवरानी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि संदिग्ध अरमान द्वारा अपने साथी मौहम्मद आलम के साथ मिलकर आपराधिक षडयन्त्र रच कर एक संगठित गिरोह की भाँति कार्य करते हुये अपने खाते में अनाधिकृत रूप, अवैध कियाकलापों के द्वारा बेईमानी की नीयत से छल व धोखाधड़ी करते हुये लोगों को सदोष हानि पहुंचाकर स्वयं के लिये सदोष लाभ प्राप्त किया जा रहा है तथा उसका उपभोग किया जा रहा है। संदिग्ध अरमान व उसके साथी मौहम्मद आलम की गतिविधियों की विस्तृत जांच किये जाने हेतु प्रकरण में अभियोग दर्ज कर विवेचना किया जाना आवश्यक है।

एसआई संतोष देवरानी की जांच के आधार पर पुलिस ने अरमान और मौहम्मद आलम के खिलाफ बीएनएस की धारा 112, 318(4), 61(1)बी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई इन्दर सिंह ढलिया के हवाले की गई है।

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