विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक प्रोपर्टी डीलर ने जमीने बेचने वालों के साथ मिलकर ग्राहकों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। आईटीआई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
ग्राम भरतपुर, कुंडा, काशीपुर निवासी नरेन्द्र सिंह थाडी पुत्र दलजीत सिंह ने आईटीआई थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्हें व उनके साथी मोती राम जैन पुत्र रामचन्द्र जैन, लवीश जैन पुत्र मोतीराम जैन को हाईवे पर 2 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। जिसके बारे में उन्होंने कई प्रोपर्टी डीलरों से संपर्क किया था।
नरेन्द्र सिंह ने बताया कि एक दिन अवतार सिंह ब्रोकर (दलाल) पुत्र हरदयाल सिंह निवासी बरखेड़ी, लोहिया पुल, तहसील काशीपुर ने उन्हें बताया कि उसके बहुत करीबी मिलने वाले गुरजीत सिंह उर्फ हीरा और संदीप सिंह जो बरखेड़ा राजपूत में रहते है। उनकी जमीन एनएच 74 हाईवे पर दो एकड़ एक करोड़ अठहत्तर लाख रुपये में बिक रही है, जिसको वह उन्हें दिला देगा और उन्हें व उनके साथी मोती राम जैन, लवीश जैन को जमीन के कागजात दिखाये और दोनों को अपने साथ ले जाकर मौके पर जमीन दिखाई, जिस पर वे जमीन लेने को तैयार हो गये।
नरेन्द्र सिंह ने बताया कि दिनांक 19.10.2022 को तहसील काशीपुर में अमरजीत कौर पुत्री बक्शीश सिंह पत्नी महेन्द्र सिंह निवासी बरखेड़ा राजपूत ने संदीप सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह, गुरजीत सिंह उर्फ हीरा पुत्र महेन्द्र सिंह व हरप्रीत कौर पत्नी श्री गुरजीत सिंह और अवतार सिंह निवासी बरखेड़ा राजपूत, काशीपुर की मौजूदगी में इकरारनामा किया गया कि 30.11.2023 तक का समय रजिस्ट्री कराने का समय दिया गया, जिसमें पहली शर्त अवतार सिंह प्रोपर्टी डीलर को 2 प्रतिशत के हिसाब से 4 लाख रुपये कमीशन देना तय पाया व दूसरी शर्त उपरोक्त भूमि में गुरजीत सिंह उर्फ हीरा मिट्टी से भराव करके देंगे व तीसरी शर्त 50 लाख रुपये विक्रेता के पास पहुंचने पर बाउंड्री चाहर दीवारी क्रेता कर सकता है।
नरेन्द्र सिंह ने बताया कि दिनांक 19.10.2022 को 15 लाख रुपये नगद दिये गये। यह इकरार नाम दिनांक 30.11. 2023 तक वैध था। जिसके बाद दिनांक 14.12.2022 को उपरोक्त के साथ एक इकरार नाम पुनः तहसील काशीपुर में किया गया जिसमें 30.04.2024 तक भूमि की रजिस्ट्री किये जाने तथा 20 लाख रुपया लवीश जैन के खाते से दिये गये तथा शेष भुगतान 30.04. 2024 को दिया जाना तय हुआ। इस इकरारनामें में गुरजीत सिंह, अमरजीत कौर, अवतार सिंह बतौर गवाह रहे। दिनांक 06.05.2024 तक उनके द्वारा अपने बैंक खाते द्वारा एक करोड़ तैतीस लाख तिरासी हजार रुपये दिये, नगद रुपये की हस्ताक्षरित रिसीविंग (प्राप्ति) करवाई जो कि उनके पास मौजूद है।
नरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस तरह एक करोड़ इकहत्तर लाख तिरासी हजार रुपये उपरोक्त जमीन खरीदने (रजिस्ट्री) कराने के एवज में वे उपरोक्त लोगों को दे चुके हैं। जिसमें अवतार सिंह प्रोपर्टी डीलर ने अपनी कमीशन चार लाख रुपये बैंक खाते से व उपरोक्त जमीन में मिट्टी भरान के नाम पर 15 लाख रुपये ले चुका है तथा आज तक उपरोक्त जमीन पर मिट्टी भरान भी नहीं किया है।
नरेन्द्र सिंह ने बताया कि दिनांक 06.05.2024 को जब वे उपरोक्त व्यक्तियों अमरजीत कौर पत्नी महेन्द्र सिंह व अमरजीत कौर का पुत्र गुरजीत सिंह उर्फ हीरा व दूसरा पुत्र संदीप व पुत्र वधु हरप्रीत कौर और प्रोपर्टी डीलर अवतार सिंह ने तहसील काशीपुर में एकराय होकर उनके द्वारा रजिस्ट्री करान हेतु 7 लाख रुपये के स्टाम्प क्रय करने हेतु एडवोकट अशरफ के माध्यम से जमा किये। उन्होंने उपरोक्त सभी लोगों से रजिस्ट्री करने को कहा। उपरोक्त सभी लोग तहसील काशीपुर में आये और उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि हम रजिस्ट्री नहीं करेंगे, तुमसे जो हो वो कर लो, पुलिस कार्यवाही या कोर्ट बाजी करी तो जान से मार देंगे।
नरेन्द्र सिंह ने बताया जब उन्होंने उपरोक्त लोगों के बारे में पता किया तो पता चला कि उपरोक्त लोग गिरोह बनाकर जालसाजी करते हैं और अपने घर की औरतों को आगे करके झूठे मुकदमे में फंसाने व जान से मारने की धमकी देते हैं। इसी भूमि को इनके द्वारा पूर्व में किरन पुरी पत्नी राजकुमार पुरी निवासी रामगंगा विहार, मुरादाबाद को भी बिक्री की है। ये जमीन जो उन्हें बेच रहे थे, उसके पेपर/दस्तावेज भी जाली बना रखे हैं। उपरोक्त लोगों द्वारा उनसे जमीन के नाम पर हड़पे 1 करोड़ 71 लाख 83 हजार रुपये, मिट्टी भरान के नाम पर 15 लाख रुपये व अवतार सिंह ने एक षडयन्त्र के तहत धोखाधड़ी से 10 लाख रुपये, रजिस्ट्री स्टाम्प में हुये खर्च 7 लाख रुपये, सब मिलाकर 2 करोड़ 03 लाख 83 हजार की धनराशि अवैध तरीके से धोखाधड़ी कर उनसे प्राप्त की गई है। यह उनके द्वारा दी गई धनराशि को वापस भी नहीं कर रहे है और उल्टा उन पर दबाब बनाने के लिये झूठे मुकदमे काशीपुर व उच्च न्यायालय नैनीताल में कर रहे हैं। उन्होंने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
पुलिस ने उपरोक्त लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 406, 409, 417, 423, 465, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।



