हर्ष वर्धन यादव
पुवायां (महानाद) : शाहजहांपुर जनपद में वर्षों से सूखी पड़ी भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत सोमवार को लघु सिंचाई विभाग के अभियंता सुनील पाल ने विभागीय जेई के साथ गहलुइया और लुहिची क्षेत्रों में निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य शारदा नहर से हो रहे रिसाव (सीपेज) के पानी को भैंसी नदी में लाना है ताकि नदी में स्थायी जलधारा बह सके।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रत्येक जिले में सूखी पड़ी एक नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। शाहजहांपुर जिले में गोमती की सहायक भैंसी नदी का चयन किया गया है, जो पिछले लगभग 15 वर्षों से सूखी पड़ी है। वर्तमान में नदी की खुदाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है, और खोदाई के दौरान कई स्थानों पर जलस्रोत भी प्राप्त हुए हैं, जिससे उम्मीद जगी है कि नदी फिर से बहने लगेगी।
भैंसी नदी के उद्गम स्थल भैंसार झील के निकट एक चेक डैम बनाए जाने की भी योजना है ताकि शारदा नहर से रिसने वाला पानी नदी में प्रवाहित किया जा सके। टीम ने ऐसे स्थानों का सर्वे किया जहां से जलधारा को मोड़कर नदी तक पहुंचाया जा सकता है। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
अभियान में राजीव सिंह, संजय त्रिपाठी, सुधीर सिंह, देवेश गंगवार और राजदीप सिंह सहित कई स्वयं सेवकों ने भाग लिया। इस पहल से न केवल नदी में जल प्रवाह बहाल होगा, बल्कि क्षेत्र के जलस्तर में भी सुधार की उम्मीद है।



