विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एसटीएफ ने काशीपुर में अवैध इंटरनेशनल कॉलिंग नेटवर्क/डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़ करते हुए विगत एक माह में 3 मामले दर्ज कर 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें कि स्पेशल टास्क फोर्स (साइबर), उत्तराखण्ड द्वारा अवैध सिम बॉक्स एवं टेलीकॉम सेटअप के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में काशीपुर में एनएस इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप का दूरसंचार विभाग (क्वज्) के साथ संयुक्त कार्रवाई में भंडाफोड़ किया गया।
- 21 दिनों में 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने का तकनीकी इनपुट।
- SIP कनेक्शन के माध्यम से ILD गेटवे बाईपास एवं ऑटोमेटेड/रोबो कॉलिंग की आशंका।
- Linux आधारित वर्चुअल मशीन, FreePBX लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर एवं SSH क्लाइंट से संबंधित डिजिटल साक्ष्य संकलित।
- कंप्यूटर, जियो एवं एयरटेल राउटर, SIP उपकरण, मोबाइल फोन एवं अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद।
- प्रकरण में 01 अभियुक्त नईमुद्दीन गिरफ्तार। अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच जारी।
- अवैध टेलीकॉम नेटवर्क से कैसे हो सकता है साइबर अपराध?
- अवैध टेलीकॉम सेटअप के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग व्यवस्था को बाईपास करने, कॉल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाने तथा ऑटोमेटेड कॉलिंग के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक संदिग्ध कॉल पहुंचाने का प्रयास किया जा सकता है।
- ऐसी कॉल के माध्यम से फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग धोखाधड़ी एवं अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने की आशंका रहती है।
- साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
- अनजान नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें।
- OTP, बैंकिंग PIN, CVV एवं गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वाले कॉल से सावधान रहें।
- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।



