मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के “नकल माफिया व शिक्षा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई” के निर्देशों पर एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय गणपति का कड़ा प्रहार — ट्रक व गोदाम से 05 करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत की एनसीईआरटी की फर्जी किताबों का विशाल जखीरा बरामद, शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, गहन जांच शुरू
रुद्रपुर (महानाद) : एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय गणपति के निर्देशन में रुद्रपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक ट्रक व गोदाम से भारी मात्रा में एनसीईआरटी की संदिग्ध/नकली किताबें बरामद हुई हैं, जांच की जा रही है।
आपको बता दें कि कोतवाली रुद्रपुर पुलिस को दिनांक 14.03.2026 की रात्रि लगभग 10ः15 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक ट्रक में एनसीईआरटी की संदिग्ध/नकली किताबें लोड कर किरतपुर रोड स्थित आनंदम गार्डन के पास से गुजर रही हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कैंटर संख्या यूपी 37 बीटी-0562 को रोककर चेक किया।
वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक में एनसीईआरटी की बड़ी संख्या में किताबें लोड पाई गईं। चालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उक्त किताबें किरतपुर स्थित एक गोदाम से लोड कर मेरठ ले जाई जा रही हैं। चालक द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों की जांच करने पर इनवॉइस में भिन्नता पाई गई।
संदेह की स्थिति में मामले की सूचना मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधम सिंह नगर तथा खंड शिक्षा अधिकारी रुद्रपुर को दी गई। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों द्वारा किताबों की जांच की गई, जिसमें लोगो, बनावट व वाटरमार्क के आधार पर प्रथम दृष्टया किताबें नकली प्रतीत हुईं।
वाहन चालक की निशानदेही पर पुलिस टीम किरतपुर स्थित गोदाम पर पहुंची, जहां गोदाम में ताला लगा मिला। गोदाम स्वामी के संबंध में तत्काल जानकारी न मिलने पर वाहन व गोदाम की सुरक्षा हेतु रात्रि में पुलिस बल तैनात किया गया।
आज दिनांक 15.03.2026 को तहसीलदार रुद्रपुर, मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में गोदाम का ताला खुलवाया गया, जहां अंदर एनसीईआरटी की भारी मात्रा में किताबें रखी पाई गईं। गोदाम के संबंध में जानकारी करने पर उक्त गोदाम राजेश कुमार जैन का होना पाया गया। पूछताछ में राजेश जैन द्वारा बताया गया कि गोदाम संदीप पुत्र रामभूर निवासी मेरठ को किराए पर दिया गया है।
बरामद किताबें प्रथम दृष्टया नकली प्रतीत होने पर मामले की सूचना एनसीईआरटी को अग्रिम जांच व कार्रवाई हेतु प्रेषित की जा रही है। प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।



