विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक युवती का विदेश जाकर पढ़ाई कर कुछ करने का सपना टूट गया। ऊपर से 11 लाख रुपये की चपत और लग गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने युवती के मामा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
एसडीएम कोर्ट के पास, काशीपुर निवासी रणवीर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया कि उसकी सगी भांजी अमनप्रीत कौर बचपन से ही उनके घर पर रहती है और उसकी देख-रेख शिक्षा-दीक्षा उनके व उसके पिता प्रीतम सिंह द्वारा की गई है, अब वह उसे उच्च शिक्षा ग्रहण करने विदेश भेजना चाहता था।
रणवीर सिंह ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाली उसकी मां की दोस्त जसविन्दर कौर ने कहा कि उनका सगा भतीजा व उसकी होने वाली पत्नी सुखदीप कौर दोनों मिलकर लोगों को विदेश भेजने का कार्य करते है, मैं गुरजन्ट व उसकी मंगेतर सुखदीप कौर से आपकी बात करवा दूंगी, वह बहुत अच्छे लोग है और बिलासपुर क्षेत्र के लगभग 100 से अधिक बच्चों को विदेश में भेज चुके हैं। इसके बाद जसविन्दर कौर के पति गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आप भी हमारे पारिवारिक लोग व मित्र हैं और गुरजन्ट मेरे सगे साले का बेटा व तुम्हारी आंटी का सगा भतीजा है। आपके एक-एक रुपये की पूर्ण जिम्मेदारी हमारी होगी।
रणवीर सिंह ने बताया कि 2-3 सितंबर 2022 को गुरजन्ट सिंह व सुखदीप कौर काशीपुर आये और बताया कि हम अब तक कई सौ लोगों को यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, कनाडा, यूएसए, मलेशिया आदि देशों में पढाई व घूमने हेतु भेज चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया व यूके की यूनिवर्सिटियों में बहुत अधिक बच्चे भेजने के कारण हमारी बहुत अच्छी जान पहचान व सैटिंग है। आप अपने बजट अनुसार अमनप्रीत को यूके या ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई हेतु भेज दीजिए, हम इसे 11 लाख रुपये में यूके भेज देंगे, जिसमें 7 लाख रुपये आपको हमारे खाते में जमा करने होंगे व शेष 4 लाख रुपये आपको हमें नगद देने होंगे। ऑफर लैटर मंगवाने तक आप हमें 1 लाख रुपये मात्र नगद दोगे, इसके बाद ऑफर आने के बाद 7 लाख रूपये यूनिवर्सिटी फीस हेतु हमारे खाते में दोगे तथा 2 लाख रुपये फीस जमा के बाद फाईल एम्बेसी में जमा करते वक्त तथा बकाया 1 लाख रुपये वीजा आने के बाद आपको हमे देने होंगे। किसी भी प्रकार वीजा न आ पाने पर आपके रुपयों की कोई कटौती नहीं होगी और पैसा आपके खाते में वापस आ जायेगा। यदि किसी प्रकार यूके का वीजा नहीं आ पाता या कैन्सिल, बैन हो जाता है तो हम आपके द्वारा दिये हुए रुपयों को अपने खाते में जोड़ते हुए टोटल 14 लाख रुपये में अमनप्रीत को ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे, जिसमें आपको 7 लाख रूपये हमारे खाते में व बकाया 7 लाख हमें नगद भुगतान करना होगा तथा इसमें ट्रेवल टिकट सम्मिलित नहीं है और यूनिवर्सिटी की एक साल की फीस इसी मे मर्ज है। दोनों प्रकार से यदि हम अमनप्रीत को विदेश नहीं भेज पाये तो आपके द्वारा दिये हुए एक-एक रुपये की ससम्मान वापसी करेंगे तथा फीस तक में कोई कटौती नहीं करेंगे।
रणवीर सिंह ने बताया कि उन लोगों की बातों पर विश्वास करके गुरजन्ट सिह को अपनी भांजी अमनप्रीत कौर का मूल पासपोर्ट, मूल मार्क्सशीटें बैंक स्टेटमेन्ट, पासबुक आधार कार्ड आदि कागजात व 1 लाख रुपये नगद व अमनप्रीत की फोटो गुरजन्ट सिंह को दी। इसके लगभग एक माह बाद अक्टूबर 2022 में गुरजन्ट ने फोन पर कहा कि अब आप हमें 2 लाख रुपये और दे दीजिए, हमें शो-मनी के लिए 2 लाख रुपये किसी बैंक मैनेजर को देकर शो-मनी करवानी है और फाइल लगाते समय फन्ड 2-3 महीने पुराने होने चाहिए, जिस पर उन्होंने गुरजंट के पिता साहब सिंह चीमा को 2 लाख रुपये दे दिये।
रणवीर सिंह ने बताया कि दिनांक 6.12.2022 को गुरजंट ने मैसेज कर बताया कि ‘ऑफर आ गया वीर, वेस्ट लंदन दा’ और फिर व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि आपकी भांजी का ऑफर लैटर आ गया है अब आप जल्दी से जल्दी फीस का इंतजाम करो ताकि हम फीस जल्द जमा कर आपकी फाइल आगे बढ़ा सकें। इसके बाद गुरजंट सिंह व साहब सिंह चीमा ने काशीपुर में गुरप्रीत सिंह व जसविन्दर कौर के घर बैठकर दोनों की मौजूदगी में उसकी भांजी अमनप्रीत कौर को ऑफर लैटर दिया। जिसके बाद उन्होंने गुरजंट के खाते में दो बार में 6,01,976 रुपये जमा किये। कुछ दिन बाद दिनांक 9-01-2023 को गुरजन्ट के खाते में 75,000 रुपये ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद 10 लाख में से बाकी बचे 23,000 रुपये भी गुरजंट को दे दिये।
रणवीर सिंह ने बताया कि गुरजन्ट ने उसे फोन कर बताया कि किन्हीं कारणों से अमनप्रीत का वीजा कैंसिल हो गया है। उसका यूके से बैन आ गया है अब वह 3 साल तक यूके नहीं जा सकती अब हम आपकी भांजी को ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे। इसके बाद मई 2023 में गुरजन्ट ने उसे अपनी बुआ के घर बुलाया और ऑस्ट्रेलिया का ऑफर लैटर दिया और कहा कि अभी भी अमनप्रीत की फीस वापसी नहीं आ पाई है परन्तु मैं अपने पास से रुपये का इंतजाम कर अमनप्रीत की फीस जमा करूंगा, अगर हो सके तो आप भी मेरी मदद करो, जिसके बाद उसने अपनी मोटर साईकिल व घर की स्कूटी बेचकर गुरजन्ट को पैसे दिये। मई 2023 के अंत में एक दिन जसविन्दर कौर मिठाई का डिब्बा लेकर उसके घर आ गई और भांजी अमनप्रीत को मिठाई खिलाते हुए बधाई दी और बताया कि गुरजन्ट व उसकी पत्नी की कॉल आई है, आपका वीजा आ गया है। आप जल्दी से इसे भेजने की तैयारी करो, इसे शॉपिंग करवाओ, टिकट खरीदो और हमें कुछ रुपये वीजा लेते समय दे दो, क्योंकि हमारे इस वीजे में बहुत
सारे रूपये खर्च हो गये है बहुत सैटिंग लगवाकर यह वीजा मंगवाया है। जिसके बाद उसने घर को बेचने का इकरारनामा कर लिया और उससे 1 लाख रुपये की अमनप्रीत को जाने के लिए शापिंग करवा दी और एक लाख रुपये गुरजंट को दे दिये।
इसके बाद वे मकान खरीदने वाले जसपाल सिंह से 3 लाख रुपये लेकर अमनप्रीत की ट्रेवल टिकट लेने पहुंचे तो टिकट बुक करने वाले व्यक्ति ने बताया कि यह वीजा नकली व कूटरचित है। सबने जसविन्दर कौर और गुरप्रीत अंकल को अपने घर बुलाया तो उन्होंने कहा कि यह गलत बता रहा है, कोई ऐसा नहीं हो सकता। आप दिल्ली एम्बेसी जाओ सुबह और दिल्ली जाकर यह वीजा चौक करवाओ।
रणवीर सिंह ने बताया कि वह अपने मित्र मेहरबान सिंह के साथ अगले दिन दिल्ली में स्थित ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी में पहुंचे और काउन्टर पर पहुंचे जहां बैठे व्यक्ति को उन्होंने अपनी दशा व बात बताई तो उस व्यक्ति ने कहा कि अब यह वीजा किसी को मत दिखाना नहीं तो पुलिस तुम्हें पकड़ लेगी, मैं तुम्हें तुम्हारी मजबूरी देखकर छोड़ रहा हूं, यह वीजा पूरी तरह नकली व कूटरचित है, किसी व्यक्ति द्वारा तुम्हें यह वीजा असली बताकर ठगी कर ली गई है।
इसके बाद उसने गुरजंट को कॉल की तो उसने कहा कि मैंने भी कहीं से वीजा लगवाया था, अगर अब यह फर्जी निकल आया तो मैं क्या करूं, मैंने तो असली करके पीछे से लिया है और तुम्हे भी असली बताकर दिया है, चलो इसे देखते हैं। तुमने कौन सा मुझे पूरे पैसे दिये थे, कम पैसे में ऐसे ही काम होते हैं। जब उसने कानूनी कार्रवाई करने की बात की जो गुरजन्ट फोन पर उसे गन्दी-गन्दी गालियां देने लगा और कहने लगा जब रुपये होंगे तब दूंगा, बाकी जो करना है कर लो। रिपोर्ट दी तो पैसे खत्म समझना।
रणवीर ने बताया कि उपरोक्त लोगों द्वारा एकराय होकर सोची समझी साजिश के तहत विश्वासघात करते हुए उसकी भांजी को नकली वीजा, नकली ऑफर लैटर, नकली फीस रसीद देकर इन कागजातों को असली बताते हुए उसके साथ धोखाधड़ी की है, जिससे उसका सब कुछ बिक गया है और एक बेटी का कुछ बनने का सपना टूटकर उसका जीवन अंधकारमय हो गया है, उसका भविष्य समाप्त हो चुका है। उसने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोर्ट के आदेश पर आईटीआई थाना पुलिस ने गुरजंट सिंह, सुखदीप कौर, साहब सिंह चीमा, जसविन्दर कौर तथा गुरप्रीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एएसआई पुष्कर दत्त भट्ट के सुपुर्द की है।



