रुद्रपुर (महानाद) : क्षेत्र निवासी एक महिला ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला व उसके परिवार पर उसके पति को ब्लैकमेल कर 15 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि माह अक्टूबर वर्ष 2022 में एक महिला व उसका पति उनके पड़ोस में किराये पर रहने के लिए आये। पड़ोसी होने के कारण उनकी उक्त लोगों से अच्छी जान-पहचान हो गयी और अक्सर घर पर आना-जाना हो गया। फिर धीरे धीरे अच्छी जान-पहचान पारिवारिक जान पहचान में बदल गयी। जिस कारण उक्त शबाना (बदला हुआ नाम) अक्सर उसके घर में आ जाती तथा कहने पर भी अपने घर नहीं जाती तथा रात को भी उसके घर पर ही रहती।
महिला ने बताया कि शबाना ने उसके पति से कई बार पैसो की मांग की और और मांग को पूरी करने के बदले शबाना ने उसके पति से शारीरिक सम्बन्ध बनाए गये और फिर उक्त शबाना ने उसके पति को अपने जाल में फंसा कर उत्पीड़न करना शुरु कर दिया और झूठा बलात्कार का मुकदमा करने की धमकी देने लगी और उसकी बात न मानने पर उसकी पुत्रियों को बदनाम करने कि धमकी देते रही।
महिला ने बताया कि इसी क्रम में उक्त शबाना ने अपने पति, पिता, माता, भाई, भाभी, बहन ने एकराय हमसाज होकर उसके पति को ब्लैकमेल करते हुए कई रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद उक्त शबाना उसके पति पर झूठा बलात्कार का मुकदमा करने कि धमकी देते हुए रुपये की मांग करने लगी तथा अपने पति व परविालों के साथ हमसाज होकर उसके पति को ब्लैकमेल करते हुए एक आपसी सहमति का अनुबंध पत्र जबरन तैयार कर पंद्रह लाख रुपये ले लिए।
महिला ने बताया कि उक्त शबाना व उसके परिजन अब पुनः विभिन्न प्रकार की धमकी दे रहे हैं तथा उसका भाई व पिता उसकी नाबालिग लडकियों के साथ छेड़छाड़, अश्लील व भद्दी टिपण्णी कर रहे हैं व कुछ भी कर गुजरने की धमकी देते हुए अत्याधिक डरा धमका रहे हैं।
महिला ने बताया कि उक्त शबाना व उसके परिजन उसके पति को ब्लैमेल कर उसे तीन तलाक देने के लिए उकसा रहे हैं और तीन तलाक न देने पर कह रहे है की एक करोड़ रुपये दो वरना झूठे बलात्कार व अन्य झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। उक्त लोग उसके व उसके पजिनों के साथ किसी भी अनहोनी घटना को कारित कर सकते हैं।
महिला ने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(6), 351(1), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई महेश कांडपाल के हवाले की है।



