नहटौर (महानाद) : पुलिस ने बलात्कार व अन्य झूठे मुकदमें में फंसाने की साजिश रचकर ब्लैकमेल करने वाली एक महिला को उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। झूठे मुकदमें में फंसाकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले इस गिरोह के 12 सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी बिजनौर कृष्ण कुमार ने बताया कि दिनांक 12.09.2026 को ग्राम बेगराजपुर, थाना नहटौर, जनपद बिजनौर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक महिला ने उसके खिलाफ थाना हल्दौर में मारपीट आदि के आरोप लगाते हुए एक मुकदमा दर्ज करवाया और समझौते के लिए 1 लाख रुपये की मांग की एवं बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। रुपये न देने पर उक्त महिला ने एक अन्य महिला के माध्यम से थाना मण्डावली में उसके व अन्यों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप असत्य पाए जाने पर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय प्रेषित की गई। इसके बाद थाना मण्डावर में भी एक मुकदमा दर्ज करवाया गया।
उक्त पीड़ित ने बताया कि इसके पश्चात उक्त महिला ने जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, दिलशाद, नौशाद, धर्मेन्द्र आदि के साथ मिलकर एक अन्य युवती को पीड़िता दर्शाते हुए उसके तथा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध गैंगरेप, एससी/एसटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट की झूठी घटना दर्शाकर कोर्ट में एक वाद दर्ज करवाया।
पीड़ित व्यक्ति की तहरीर के आधार पर थाना नहटौर में धारा 61(2), 308(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की गई।
जनपद बिजनौर पुलिस द्वारा हनी ट्रैप प्रकरण से संबंधित 12 अभियुक्तगणों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
थाना नहटौर पुलिस ने उक्त मामले में ग्राम खेड़की टप्पा, हल्दौर निवासी महिला व नौशाद पुत्र महेन्दी हसन निवासी बक्शीवाला, बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ व जांच के दौरान पता चला कि मुख्य अभियुक्त जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा एक संगठित गिरोह का संचालन करता था, जिसमें इसके सहयोगी दिलशाद, नौशाद, धर्मेन्द्र व कई महिलायें व युवतियां शामिल थे। गिरोह द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश एवं अन्य प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें अपने प्रभाव में लेकर सुनियोजित ढंग से दबाव बनाया जाता था।
संबंधित व्यक्तियों को मुकदमों में समझौता करने हेतु डरा-धमकाकर धनराशि एवं अन्य अनुचित लाभ की मांग की जाती थी। मांग पूरी न होने अथवा शर्ते स्वीकार न करने पर गिरोह से संबंधित महिलाओं एवं अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न थानों एवं जनपदों में गंभीर प्रकृति के अभियोग पंजीकृत कराए जाते तथा विभिन्न न्यायालयों में परिवाद प्रस्तुत किए जाते थे। इनमें बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के प्रकरण होना भी प्रकाश में आया है।
अब तक की जांच में अभियुक्तगण एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध जनपद बिजनौर सहित विभिन्न जनपदों में अनेक अभियोग एवं परिवाद पंजीकृत होना प्रकाश में आया है। मुख्य अभियुक्त जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा द्वारा गिरोह का संचालन एवं सदस्यों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा अन्य अभियुक्तगण द्वारा आपसी षड्यंत्र के तहत मुकदमों एवं परिवादों के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों पर दबाव बनाकर अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से कार्य किए जाने के तथ्य विवेचना में प्रकाश में आए है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार की गई महिला व उसके साथी ने बताया कि हमने थाना नहटौर में पीड़ित व्यक्ति से विवाद होने के कारण अपने साथियों के सहयोग से झूठे बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई गयी थी। योजना के अनुसार ही पूर्व नियोजित घटनाक्रम तैयार कराया गया तथा उसके विरुद्ध कुल 05 मुकदमें पंजीकृत कराये गये। इसी प्रकार व्यक्तियों को गंभीर अपराधों के मुकदमों में फंसाने तथा इसके बदले धनराशि एवं अन्य लाभ प्राप्त करने की बात प्रकाश में आयी।
पुलिस टीम में एसआई अनिल राणा, कां. जैकी, नीटू तथा नीतू शामिल थे।



