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Monday, May 4, 2026
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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा ‘जय इस्लाम’ नारा लगाने पर भड़की बीजेेपी

नेता प्रतिपक्ष का समुदाय विशेष के पक्ष मे धार्मिक नारे तुष्टिकरण की पराकाष्ठा, कांग्रेस का हाथ डेमोग्राफी चेंज करने वालों के साथ: चौहान

देहरादून (महानाद) : भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि निकायों मे बुरी तरह हार की आशंका से भयभीत उसके नेता अब समुदाय विशेष के धार्मिक नारे लगा रहे हैं। चौहान ने एक कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा चुनावी सभा में ‘जय इस्लाम’ के नारे को तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि ऐसे बयान साबित करते हैं कि कांग्रेस का हाथ, डेमोग्राफी चेंज की साजिश रचने वालों के साथ है।

उन्होंने कहा कि अपने पार्टी उम्मीदवार की निश्चित हार जानते हुए दिया गया उनका यह बयान, तुष्टिकरण नीति की पराकाष्ठा है। इस्लाम के इस गुणगान से कांग्रेस का सनातन और हिंदुत्व विरोधी चेहरा एक बार फिर से सामने आ गया है। चुनाव जीतने के लिए जय भारत और जय उत्तराखंड के साथ धर्म विशेष के जयकारे को देवभूमि की जनता देख और सुन रही है। इससे चंद दिन पहले, इनके सांसद मसूद भी लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ कार्यवाही पर मुस्लिम समाज को उकसाने के लिए, खून पानी होने वाले जैसे बयान दे चुके हैं। कांग्रेस के एक जिलाध्यक्ष सार्वजनिक मंच पर चुनाव नतीजे आने के बाद निपटने की बात कहते नजर आए है। इस तरह के तमाम बयानों से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी, डेमोग्राफी बदलने की साजिश रचने वालों के पूरी तरह साथ है।

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में तो कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और सहयोगी दल, सनातन को समाप्त करने और अपमान करने की प्रतिबद्धता जता चुका है, लेकिन सनातनियों की पवित्र भूमि उत्तराखंड में राजनीति करने वाले इस पार्टी के नेता ऐसे बयान दे रहे हैं दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व सीएम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने, नमाज की छुट्टी करने, गौकशी करने वालों के सहयोग का वादा करते रहे हैं। केदारनाथ में चुनाव हो तो यह लोग देश दुनिया में श्री केदारपुरी की प्रतिष्ठा को लेकर भ्रम फैलाते हैं और फिर झूठ आधारित प्रतिष्ठा यात्रा निकालते हैं। कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं को धर्मांतरण कानून से दिक्कत होती है तथा अवैध धार्मिक कब्जे के खिलाफ कार्यवाही स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और दंगारोधी कानून का विरोध करते हैं। यूसीसी का विरोध करते हैं। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देवभूमि में रहते हुए, ये हर उस कार्य का विरोध करते हैं जिससे सनातन की प्रतिष्ठा, संरक्षण और संवर्धन में वृद्धि हो।

उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ग विशेष के वोट बैंक के लालच में न जाने से कांग्रेस इस स्तर की राजनीति कर रही है। उत्तराखंड की धर्मपरायण जनता कांग्रेस को लोकसभा और विधानसभा की तरह निकाय चुनाव में भी करारा सबक सिखाना निश्चित है।

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