हल्द्वानी (महानाद) : फर्जी स्थाई निवास बनाकर हल्द्वानी की डैमोग्राफी चेंच करने में जुटे 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने बताया कि दिनांक 14.11.2025 को तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पाण्डे ने तहरीर देकर बताया कि कुमायूं कमिश्नर को दियेगये शिकायती पत्र में नजीम अहमद पुत्र स्व. नसीम अहमद निवासी लाईन नं. 12, आजाद नगर, हल्द्वानी द्वारा तहसील हल्द्वानी अन्तर्गत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी प्रमाण पत्र जारी करने सम्बन्धी शिकायत पत्र प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि उक्त शिकायती पत्र में स्थायी निवास प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मौ. फैजान पुत्र मौ. फुरकान निवासी गोपाल मंदिर के पास, मुस्तफा चौक, नई बस्ती के घर में संचालित सीएससी द्वारा फर्जीवाड़ा/गैरकानूनी तरीके से दस्तावेज तैयार कर रहीस अहमद पुत्र स्व. अब्दुल हमीद को उपरोक्त स्थायी प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है।
तहसीलदार ने बताया कि सम्बन्धित प्रकरण में उपरोक्त मौ. फैजान द्वारा आवेदनकर्ता रईस अहमद के नाम से मिलते जुलते नाम वाले व्यक्ति (रहीस अहमद पुत्र स्व. अब्दुल हमीद निवासी वार्ड नं. 26. आस्ताना मस्जिद. नई बस्ती. बनभूलपुरा के दस्तावेज संलग्न कर प्रमाण पत्र निर्गत कराया गया।
उन्होंने बताया कि स्थायी प्रमाण पत्र व अन्य प्रमाण पत्र का उपयोग राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं व राज्य सेवा अन्तर्गत रोजगार हेतु किया जाता है। फर्जी प्रमाण पत्र बनने से राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनायें व रोजगार प्रभावित होने के कारण प्रमाणिक लाभार्थी को उसका लाभ नहीं मिल पाता। सरकारी एवं आर्थिक कल्याणकारी योजनाओं का नाजायज फायदा उठाते हुये राजस्व के भी नुकसान होने की पूर्ण संभावना बन जाती है। जिससे लोकतंत्र में जनता के मध्य असंतोष व्याप्त होता है। अतः उपरोक्त दस्तावेजों के अवलोकन, निरीक्षण व तथ्यों के आलोक में ऐसा प्रतीत होता है कि मौ. फैजान व अन्य द्वारा विभिन्न दस्तावेजों को बड़े पैमानें पर दुरुपयोग/फर्जीवाड़ा /कूटरचना / गैरकानूनी तरीके से प्रमाण पत्र निर्गत कराये जाते हैं।
तहसीलदार की तहरीर के आधार पर थाना बनभूलपुरा में धारा 316(5), 318(4), 336(3), 338, 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर उत्तराखण्ड में फर्जी तरीके से स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाकर सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी चेंज प्रकरण में सम्मिलित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के दिशा-निर्देश तथा क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में उपरोक्त संगीन प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए निम्न अभियुक्तों को पूछताछ हेतु थाने पर लाया गया-
1. मौ. फैजान पुत्र फुरकान निवासी गोपाल मंदिर के पास, मुस्तफा चौक, नई बस्ती, बनभूलपुरा
2. रईस अहमद पुत्र अब्दुल हमीद निवासी वार्ड 26, नई बस्ती, आस्ताना मस्जिद के पास, बनभूलपुरा
3. दिनेश सिंह दासपा पुत्र गोकरण सिंह, निवासी धामीपुरा, थाना मुन्स्यारी, जनपद पिथौरागढ़, हाल-सरकारी क्वार्टर, विद्युत विभाग, हाईडिल गेट, काठगोदाम पद- विद्युत विभाग
पूछताछ में मौ. फैजान ने बताया कि इल्मा पुत्री रईस अहमद द्वारा दिये गए जाति प्रमाण पत्र हेतु दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए, रईस अहमद के नाम से फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र तैयार कराया गया एवं इस प्रकार के अन्य कार्य भी उसके द्वारा किये गये।
रईस अहमद ने बताया कि उसने फर्जी स्थाई निवास बनवाने हेतु फैजान को आर्थिक लाभ दिया, यह जानते हुए भी कि दिये गए दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र बनना संभव नहीं है, उसने गलत दस्तावेजों का उपयोग किया और फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र का प्रयोग कर उसने अपना मैरिज सर्टिफिकेट भी बनवाया।
वहीं, विद्युत विभाग के कर्मचारी दिनेश सिंह दासपा ने बताया कि वह के पद पर तैनात है। फैजान पिछले एक वर्ष से उससे संपर्क में था और फैजान के कहने पर वह 15 वर्ष पुराने बिजली कनेक्शन की जानकारी व बिलों की स्टाम्प युक्त प्रतियां उपलब्ध कराता था, जिन्हें फैजान प्रमाणपत्र बनाने में उपयोग करता था और प्रति बिल 500 रुपये प्राप्त करता था।जिसके बाद उक्त तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम में थानाध्यक्ष बनभूलपुरा सुशील जोशी, एसआई जगवीर सिंह, मनोज यादव, हे.कां. रमेश काण्डपाल तथा शितम कुमार शामिल थे।
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