विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत ने चेक बाउंस के 1 दोषी को 6 माह के कारावास तथा 8.10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। बता दें कि उक्त फैसला वाद दायर करने 10 साल बाद आया है।
आपकेा बता दें कि ढकिया नं. 1, काशीपुर निवासी राहीलाल पुत्र किशन चन्द्र ने 20.2.2016 में न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने ग्राम शिवनगर, ढकिया नं. 1, काशीपुर निवासी दीवान सिंह पुत्र प्रेम सिंह को जुलाई 2015 में 6 लाख 50 हजार रुपये 3 महीने के लिए उधार दिये थे। जब उसने अपने पैसे मांगे तो दीवान सिंह ने उसे 2.50 लाख व 4 लाख रुपये के 2 चैक दिये जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गये।
राहीलाल के वकील वीरेन्द्र कुमार चौहान ने अदालत से राहीलाल को उक्त रकम की दोगुनी रकम दिलाये जाने की मांग की। वहीं, दीवान सिंह ने अदालत में कहा कि वह राहीलाल के यहां 10 हजार रुपये की कमेटी चलाता था जिसके बदले में उसने 1 लाख 20 हजार रुपये कमेटी के उठाये थे और बदले में सिक्योरिटी के रूप मे 2 ब्लैंक चैक हस्ताक्षर कर दिये थे। लेकिन दीवान सिंह उक्त कथन के बदले में कोई भी दस्तावेज सबेत के रूप में अदालत में प्रस्तुत नहीं कर पाया।
जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर विनीत कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने राहीलाल के वकील वीरेन्द्र कुमार चौहान की दलील और तर्कों से संतुष्ट होकर दीवान सिंह को 6 माह के साधारण कारावास तथा 8.40 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उक्त जुर्माने में से 8.30 लाख रुपये राहीलाल को तथा 10 हजार रुपये राजकोष में जमा करने का आदेश दिया है।
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