विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक व्यक्ति ने एक पति-पत्नी सहित 4 लोगों पर उसे मकान बेचने के नाम पर उससे 44 लाख 50 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। आईटीआई कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
ग्राम राजपुर, जसपुर निवासी हमीदुल्ला पुत्र सईद अहमद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि भप शर्मा निवासी जसपुर खुर्द, काशीपुर ने उसे सानिया चतुर्वेदी पत्नी सुमित चतुर्वेदी, सुमित चतुर्वेदी पुत्र जगमोहन चतुर्वेदी निवासीगण मौहल्ला खत्रियान वार्ड नं.-11 काशीपुर व अमित सिंह चौहान पुत्र जितेन्द्र पाल सिंह निवासी ग्राम ढकिया गुलाबो, काशीपुर से मिलवाया।
हमीदुल्ला ने बताया कि सुमित चतुर्वेदी ने उससे कहा कि मेरा मकान ग्राम नीझड़ा में है और मैं उसे बेच रहा हूँ, मकान पाक साफ है तुम इसे खरीद लो, मुझे रुपयो की आवश्यकता है। सानिया चतुर्वेदी, सुमित चतुर्वेदी, अमित सिंह चौहान व भप शर्मा उसे मौके पर लेकर गये तथा मकान दिखाया और कहा कि मकान का अपने हक में बैनामा करा लो।
हमीदुल्ला ने बताया कि उक्त लोगों ने उसे विश्वास में लेकर दिनांक 01.09.2023 में सब रजिस्ट्रार काशीपुर में मकान का बैनामा 44,50,000 रुपये में उसके नाम कर दिया।
हमीदुल्ला ने बताया कि उससे कहा गया था कि मकान पाक साफ है तथा उसे किसी दूसरे के मकान पर खड़ा करके फोटो खिंचा दिया, जबकि मकान किसी दूसरे व्यक्ति का है। जो मकान उसे बेचा गया है वह मौके पर मौजूद नही है। एक षड़यंत्र के तहत सानिया चतुर्वेदी, अमित सिंह चौहान, सुमित चतुर्वेदी व भप शर्मा ने उससे 44 लाख 50 हजार रुपये ठगे हैं। उक्त व्यक्तियों ने उसे उक्त मकान का कब्जा नहीं दिया है और न ही उसके साथ मकान पर कब्जा दिलाने जा रहे हैं ।
हमीदुल्ला ने बताया कि उसे पता चजा है कि उक्त व्यक्तियों ने उसके साथ छल कपट कर उससे रुपये हड़प लिये हैं, जबकि मकान कहीं नहीं है। उसने मैसर्स हिन्दुजा हाउसिंग फाईनेन्स लिमिटेड कम्पनी हल्द्वानी से )ण कराकर मकान खरीदा था, अब मैसर्स हिन्दुजा हाउसिंग फाईनेन्स लिमिटेड ने सरफेसी एक्ट की कार्यवाही कर दी है। मकान को कुर्क कर रहे हैं, कब्जा लेने का प्रयास कर रहे हैं। उसने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस न उक्त चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई पुष्कर दत्त भट्ट के हवाले की है।



