विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक बाबा पर इलाज कराने आई एक महिला के पौते की जान लेने का आरोप लगा है। परिजनों ने बाबा व उसके एक सहयोगी को पकड़कर आईटीआई कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
ग्राम वेरनी, थाना कुढ़फतेहगढ़, जिला सम्भल निवासी सुगर सिंह पुत्र स्व. गंगासरन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी मां के शरीर में कुछ गांठें बन गयी थीं, किसी ने उसकी मां से कहा कि शिवलालपुर झण्डा, काशीपुर जिला उधम सिंह नगर में एक सत्यवीर बाबा का आश्रम है, जो हर प्रकार की बीमारियां ठीक कर रहे हैं। उसी अन्धविश्वास में दिनांक 27.07.2026 को उसकी मां सत्यवीर बाबा के आश्रम में उसके 6 साल के बेटे अर्पित यादव को लेकर गईं।
सुगर सिंह ने बताया कि वहां पहुंचकर सत्यवीर बाबा ने उसके पुत्र के कोई नुकीली चीज चुभा दी जिससे उसका पुत्र बेहोश हो गया तथा इलाज करने के बहाने सत्यवीर ने अर्पित को कमरे में बन्द कर लिया। काफी समय बीत जाने के बाद जब उसकी मां ने अपने पौते को बाहर निकालने के लिए कहा तो सत्यवीर बाबा व उसके 2 अज्ञात साथियों ने उसकी मां के साथ अभद्र व्यवहार किया।
सुगर सिंह ने बताया कि इस पर उसकी मां ने फोन द्वारा उसे सूचित किया तब वह अपने भाईयों के साथ शिवलालपुर झण्डा पहुंचा तथा उसने बाबा से अपने पुत्र को बाहर निकालने के लिये कहा। जब उसने ज्यादा कहा सुनी की तब बाबा ने उसके पुत्र को कमरे से बाहर निकाला, तब उसका पुत्र मृत अवस्था में मिला।
सुगर सिंह न बताया जब उसने उक्त सत्यवीर व उसके साथियों से अपने पुत्र को मारने के विषय में कहा तब सत्यवीर व उसके साथियों ने उसके व उसके भाईयों के साथ मारपीट की और गाली देते हुए बोला कि अपने पुत्र को यहां से चुपचाप ले जाओ, यदि ज्यादा उपद्रव करोगे तो तुम सबको भी इसी तरह मार देगें और उसके पश्चात उक्त लोगों ने भागने का प्रयास किया तब उसने व उसके भाईयों ने सत्यवीर बाबा व उसके दोनों साथियों को गाड़ी में डाल लिया, जिसमें से एक साथी भाग गया।
सुगर सिंह ने कहा कि वह सत्यवीर बाबा व उसके साथी को लेकर थाने आये हैं। उसने उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।
सुगर सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सत्यवीर बाबा को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 105, 127(1), 351(3), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। मामले की जांच एसआई विक्रम सिंह धामी के हवाले की गई है।



