spot_img
spot_img
Thursday, September 3, 2026
spot_img

गीता के 15वें अध्याय के सामूहिक पाठ में हिस्सा लेकर ऋतु शर्मा ने गिनीज बुक में दर्ज कराया अपना नाम

महानाद डेस्क : अमृतसर की बेटी ऋतु शर्मा ने अपनी समाजसेवा और आध्यात्मिक साधना से शहर व देश का नाम रोशन किया है। श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय के सामूहिक चैटिंग कार्यक्रम में शामिल होकर ऋतु शर्मा ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2026 में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ गीता परिवार पंजाब और अमृतसर में भी खुशी का माहौल है।

गीता परिवार और चिन्मय मिशन की ओर से आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम में दुनिया के 70 देशों से 75 हजार से ज्यादा साधकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से करीब 8 हजार साधकों को श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ का सामूहिक उच्चारण करने का अवसर मिला। ऋतु शर्मा भी इन साधकों में शामिल रहीं और इसी उपलब्धि के चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।

ऋतु शर्मा वर्ष 2023 में गीता परिवार से जुड़ी थीं। माता-पिता से मिली प्रेरणा के बाद उन्होंने गीता का अध्ययन शुरू किया और लगातार साधना करती रहीं। दिसंबर 2024 में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 700 श्लोकों को कंठस्थ करने की परीक्षा ‘गीताव्रती’ उत्तीर्ण की। वह अमृतसर की पहली गीताव्रती बनीं। इसके बाद मई 2025 में उन्होंने ‘गीता विचक्षण (अरोही)’ और अगस्त 2025 में ‘गीता विचक्षण (अवरोही)’ की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।

ऋतु को गीता परिवार के ‘गीता कंठनाद’ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिला। वर्तमान में वह समाजसेवा के साथ गीता परिवार की आध्यात्मिक गतिविधियों में भी योगदान दे रही हैं।

ऋतु शर्मा ने बचपन से ही देश के महानायकों के त्याग और बलिदान की कहानियों से राष्ट्रसेवा की प्रेरणा ली। इसी भावना के चलते उन्होंने अपना करियर छोड़कर समाजसेवा को जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने आश्रम में बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने से अपनी सेवा की शुरुआत की।

ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चौरिटेबल सोसाइटी से भी ऋतु शर्मा लंबे समय से जुड़ी हैं और वहां पूर्णकालिक समाजसेवा के लिए समर्पित हैं। कम उम्र में सेवा का रास्ता चुनने वाली ऋतु के इस सफर में उनके माता-पिता का आर्थिक और भावनात्मक सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles