विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में काशीपुर पुलिस ने महज 48 घंटे के अंदर ढकिया निवासी संजीव की हत्या का खुलासा करते हुए उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया व दो नाबालिग किशोरों को संरक्षण में ले लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा, खोखे, जिंदा कारतूस व रक्तरंजित कपड़े बरामद कर लिये हैं।
आपको बता दें कि दिनांक 17 अगस्त 2026 की सुबह प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में अनियंत्रित अवस्था में मिली स्विफ्ट कार और उसमें खून से लथपथ मिले युवक की घटना को प्रथम दृष्टया सड़क हादसा समझा जा रहा था। लेकिन पुलिस की गहन जांच ने महज 48 घंटे में पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला सच सामने ला दिया। कार में मृत मिले युवक की पहचान 24 साल के संजीव कुमार पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला, ढकिया नं.-1, कुंडेश्वरी, काशीपुर, उम्र करीब 24 वर्ष के रूप में हुई।
घटनास्थल पर परिस्थितियां सड़क दुर्घटना की ओर इशारा कर रही थीं, लेकिन पंचायतनामा के दौरान पुलिस ने शव का बारीकी से परीक्षण किया तो गले पर मिले चोट के निशान दुर्घटना से अलग और संदिग्ध प्रतीत हुए। पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। इसी बीच मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर कोतवाली काशीपुर में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी अजय गणपति महोदय के निर्देश पर घटना के शीघ्र अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक काशीपुर एवं पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर के निर्देशन में कोतवाली काशीपुर पुलिस एवं एसओजी काशीपुर की संयुक्त टीमें गठित की गईं। जाँच के दौरान मृतक की पत्नी निशा से पूछताछ की गई। शुरुआत में उसके द्वारा दिए गए बयानों का जब मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य एवं अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलान किया गया तो उसके बयानों में विरोधाभास सामने आने लगे। यहीं से पुलिस की जांच की दिशा बदली और शक की सुई मृतक की पत्नी तथा उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की ओर घूम गई।
नाबालिग से प्रेम प्रसंग ने रची पति की हत्या की पटकथा –
जांच में सामने आया कि मृतक संजीव कुमार की ग्राम थारी, रामनगर में टेंट की दुकान थी। उसके यहां 2 नाबलिग युवक हेल्पर के रूप में काम करते थे। इसी कारण उन दोनों का संजीव के घर लगातार आना-जाना था। इसी दौरान उनमें से एक युवक का संजीव की पत्नी निशा के साथ प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि निशा और संजीव के बीच अक्सर विवाद होता था और निशा अपने पति के साथ होने वाले विवादों की जानकारी अपने नाबालिग प्रेमी को देती थी। धीरे-धीरे दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और प्रेमी ने अपने साथी को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।
16 अगस्त को निशा के प्रेमी का जन्मदिन था। इसी बहाने प्रेमी, उसका साथी, संजीव के साथ उसकी निजी कार से रामनगर घूमने निकले। रामनगर में हत्या का मौका नहीं मिलने पर वे वापस काशीपुर क्षेत्र की ओर लौटे। राजपुर रोड, थारी के पास योजना के मुताबिक कार चला रहे संजीव के पीछे बैठे प्रेमी के साथी ने 12 बोर के तमंचे से उसकी गर्दन के बाईं ओर सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में जा गिरी। इसके बाद निशा का प्रेमी और उसका साथी घायल संजीव को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद प्रेमी ने फोन कर निशा को ‘काम हो गया’ बताया।
दानों ने हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की साजिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक विवेचना ने अपराधियों की पूरी कहानी पलट दी। नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और आज 19 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने चौकी कुंडेश्वरी क्षेत्र स्थित मालवा फार्म पुलिया के पास दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों से घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, 3 खोखे, 5 जिंदा कारतूस तथा रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए।
पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी निशा की हत्या की साजिश में मुख्य भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस टीम में एसएसआई नवीन बुधानी, एसआई कौशल भाकुनी, मनोज सिंह धौनी, मीना रावत, गणेश पांडे, संजय सिंह, कंचन पडलिया, ैगिरीश चन्द्र, कां. सुरेंद्र कुमार, धीरज सिंह, गजेंद्र गिरी, किरण कुमार मेहता, पुलिस सहयोगी राहुल एवं माजिद तथा एसओजी काशीपुर से एसआई सुनील सुतेड़ी, कां. इमरान एवं हरीश शामिल थे।



