नई दिल्ली (महानाद) : देश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर बहस लगातार जारी है। कुछ राज्यों में इसे लागू किया जा चुका है, जबकि कुछ राज्य कानून बनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं कुछ राज्यों में अभी यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा तक ही सीमित है।
वर्तमान में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जबकि गोवा में लंबे समय से एक समान नागरिक कानून की व्यवस्था लागू है। गुजरात और मध्य प्रदेश में भी यूसीसी को लेकर विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
उत्तराखंड में लागू है यूसीसी
उत्तराखंड ने 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता लागू की थी। इसके साथ ही वह यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।
राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे मामलों के लिए समान नियम लागू किए गए हैं। विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और लिव-इन संबंधों के पंजीकरण का भी प्रावधान है। बहुविवाह पर रोक समेत कई प्रावधान कानून का हिस्सा हैं।
हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
गोवा में पहले से अलग व्यवस्था
गोवा में पुर्तगाली शासन के समय से लागू पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 संशोधित रूप में आज भी प्रभावी है। इसी वजह से गोवा को भारत में समान नागरिक कानून की पुरानी मिसाल माना जाता है।
यहां विवाह और संपत्ति से जुड़े कई मामलों में समान नागरिक नियम लागू होते हैं। पति-पत्नी के बीच संयुक्त संपत्ति की व्यवस्था भी इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
गुजरात में विधेयक पारित
गुजरात में यूसीसी से संबंधित विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है। हालांकि, कानून के प्रभावी होने से पहले नियम और प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
राज्य में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों के लिए समान नियम लागू करने का प्रावधान प्रस्तावित है।
मध्य प्रदेश में भी आगे बढ़ी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश ने भी यूसीसी की दिशा में कदम बढ़ाया है। विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब इसे लागू करने के लिए जरूरी संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।
राजस्थान में कानून की तैयारी
राजस्थान सरकार भी यूसीसी की दिशा में काम कर रही है। राज्य में प्रारंभिक मसौदा तैयार किए जाने और विधानसभा में विधेयक लाने की तैयारी की बात सामने आई है।
प्रस्तावित व्यवस्था में विवाह पंजीकरण, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नियमों पर जोर दिया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में अभी राजनीतिक बहस
पश्चिम बंगाल में यूसीसी को लेकर राजनीतिक बहस जरूर जारी है, लेकिन अभी तक विधानसभा में इससे संबंधित कोई विधेयक पेश नहीं किया गया है।
एक नजर में
| राज्य | स्थिति |
|---|---|
| उत्तराखंड | यूसीसी लागू |
| गोवा | समान नागरिक कानून की पुरानी व्यवस्था लागू |
| गुजरात | विधेयक पारित |
| मध्य प्रदेश | विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ी |
| राजस्थान | कानून लाने की तैयारी |
| पश्चिम बंगाल | अभी राजनीतिक चर्चा |
कुल मिलाकर, यूसीसी को लेकर राज्यों की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तराखंड में यह लागू हो चुका है, जबकि कुछ राज्यों में कानून बनाने की प्रक्रिया चल रही है और कुछ जगहों पर अभी राजनीतिक चर्चा ही हो रही है।



