विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : कांग्रेस नेत्री की पुत्री ने अपने ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 5 लोगों के खिलिाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
कांग्रेस नेत्री मीनू गुप्ता की पुत्री सोनल गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका विवाह शुभम गुप्ता पुत्र ज्ञान चन्द्र गुप्ता निवासी शास्त्री नगर, केलाखेड़ा, तहसील बाजपुर, जिला ऊधम सिंह नगर के साथ दिनांक 27.02.2019 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह से पूर्व उसके घरवालों द्वारा शुभम गुप्ता को रिंग सेरेमनी में 51,000 रुपये नकद तथा अन्य सामान दिया था, जिसमें करीब 1,50,000 रुपये खर्च हुए थे।
सोनल ने बताया कि विवाह के समय उसके परिवार के सदस्यों ने लड़के को सोने की चैन, सोनू की अंगूठी, पांच लाख रूपये का सोने का सामान जिसमें सोने का टीका, सोने की नथ, सोने का सैट, सोने का मंगल सूत्र, कंगन आदि थे तथा 50,000 रुपये के चाँदी के जेवर तथा बर्तन, इसके अलावा 2 लाख रुपये का घरेलू सामान आदि दिये थे। काशीपुर में 300 बाराती आये थे, जिनके खाने का खर्चा लगभग 4 लाख रुपये हुआ था।
सोनल ने बताया कि शादी के बाद से ही उसके पति शुभम गुप्ता, ससुर ज्ञानचन्द्र गुप्ता, तैय्या ससुर हरिओम गुप्ता, तैय्या जैठ जितेन्द्र गुप्ता उर्फ टिंकू पुत्र हरिओम गुप्ता, नन्द नेहा गुप्ता पत्नी अंकुर गुप्ता द्वारा कम दहेज लाने के ताने देकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और प्रार्थिनी से 10 लाख रुपये नकद दहेज की मांग करने लगे। उसने अपनी ससुरालवालों से उक्त मांग पूरी करने से मना कर दिया और कहा कि उसके मम्मी पापा की इतनी हैसियत नहीं है कि वह अब 10 लाख रुपये दे सके। इस बात पर उसके उक्त सभी ससुरालवाले उसके साथ मारपीट करने लगे तथा गन्दी गन्दी गालियां देने लगे। यहाँ तक कि उससे सारे घर का काम कराते थे और खाने को एक टाईम का खाना देते थे।
सोनल ने बताया कि उसकी ससुरालवालों ने दिनांक 2.07.2022 को जब वह गर्भवती थी, उसे इतना प्रताड़ित किया कि उसके माता-पिता उसे इलाज कराने के लिए काशीपुर ले आये तथा काशीपुर में ही उसकी डिलीवरी हुई, जिसका सारा खर्च उसके माता-पिता द्वारा किया गया। वह लगभग डेढ़ साल तक अपने मायके में रही। इस दौरान उसका तथा उसके बच्चों का सारा खर्च उसके माता पिता द्वारा किया गया।
सोनल ने बताया कि इसके बाद दिनांक 24.07.2024 को उसके माता पिता द्वारा उसे ससुराल भेजा गया, परन्तु इसके बावजूद भी उसके उक्त सभी सुरालवालों का व्यवहार उसके प्रति नहीं बदला और वह लगातार 10 लाख रुपये की मांग पर अड़े रहे और उसे लगातार अपमानित करते रहे। उसके द्वारा अपने बच्चों का भविष्य देखते हुए यह सब बर्दाश्त किया जाता रहा, ताकि उसका घर बचा रहे।
सोनल ने बताया कि दिनांक 11.05.2025 को उसके पति ने उसकी ननद, ससुर तैय्या ससुर एवं तैय्या जेठ के बहकावे में आकर उसे बुरी तरह से मारा-पीटा, जिस कारण वह मानसिक रूप से बीमार हो गयी। उसका कोई ईलाज उसके ससुरालवालों द्वारा नहीं कराया गया, जिस कारण उसकी तबीयत दिन व दिन खराब होती गयी। उसके बाद उसके माता-पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए काशीपुर ईलाज के लिए ले आये, जिसका आज दिनांक तक ईलाज चल रहा है।
सोनल ने बताया कि उसके उक्त सभी ससुरालवालों द्वारा उसका जेवर, सामान आदि हड़प कर लिया है तथा अब भी दहेज में 10 लाख रुपये की मांग कर रहे है। वह और उसके परिवारवाले उसकी गृहस्थी बचाने के लिए समझौते में लगे रहे, लेकिन उसके ससुरालवाले उसे व उसके परिवारवालों को मामले को सुलझाने का आश्वासन देकर अब तक टाल मटोल करते रहे। अब पुनः उसके ससुरालवाले उसे बिना 10 लाख रुपये नकद लिये अपने साथ रखने से साफ इन्कार कर रहे हैं। उसकी ननद तथा उसके तैय्या जेठ से बात होने पर उन्होंने कहा कि बिना दस लाख रुपये लिये हम इसे नहीं रखेंगे, साथ ही गन्दी-गन्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकियां दी गयीं और कहा कि तुम से जो हो कर लो।
सोनल गुप्ता ने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, ससुर, तैय्या ससुर, ननद व तैय्या जेठ के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 115(2), 352, 351(3) तथा दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।



