हल्द्वानी (महानाद) : राजपुरा चौकी प्रभारी महिला दरोगा ने एसओजी में तैनात कांसटेबल पर उनके साथ मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने व काशीपुर जाकर उनके पति व बच्चों को जान से मारने की धमकी दने का आरोप लगाया है। महिला दरोगा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कांस्टेबल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है।
राजपुरा चौकी प्रभारी आरती ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एसओजी में तैनात कांस्टेबल अनिल गिरी ने उन्हें दिनांक 10-10-2026 को कॉल किया और गन्दी-गन्दी गालियां देने लगा और उन्हें, उनके पति और यहां तक कि उनके आवास काशीपुर जाकर उनके बच्चों को मारने तक की धमकी देने लगा और कहने लगा कि मैं 5 मिनट के अन्दर चौकी राजपुरा आ रहा हूं, जिसके चलते उन्होंने अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा कि दृष्टि से दिनांक 10-10-2026 को उनके द्वारा उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में एसएसपी नैनीताल को सूचना प्रेषित की गयी।
एसआई आरती ने बताया कि दिनांक 11-10-2026 को उनकी कोतवाली हल्द्वानी से परिक्षा ड्यूटी पुलिस सैक्टर अधिकारी के तौर पर लगायी गयी थी। तभी अनिल गिरी ने उन्हें कॉल कर कहा कि एसएसपी साहब से शिकायत कर के तूने मेरा क्या बिगाड़ लिया, मैंने कहा था ना कि तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती और पुनः उनसे कहने लगा कि तू कहां है, अब तुझे छोडूगां नहीं और जान से मारने की धमकी देने लगा तथा उन्हें लगातार कॉल करने लगा।
एसआई आरती ने कहा कि अनिल गिरी उन्हें ढूंढते हुए आवास विकास स्थित हिमालयन स्कूल पहुंचा जिस पर वह वहां से जान बचा कर अपने निजी वाहन से सुरक्षा के लिये कोतवाली हल्द्वानी पहुंच गयी। कुछ मिनट बाद ही अनिल गिरी उनका पीछा करते हुए कोतवाली हल्द्वानी परिसर में पहुंच गया। उस समय वह प्रभारी निरीक्षक को फोन पर घटना के सम्बन्ध में बता ही रही थी, तभी अनिल गिरी द्वारा उनके हाथ से फोन छीन लिया।
एसआई आरती ने बताया कि अनिल गिरी को इतना आक्रोशित देख वह अपनी जान का खतरा देख सीसीटीएनएस के कक्ष में चली गयी जहां 2 पुलिसकर्मी पूरन सिंह मेहरा व ललित रेखाड़ी भी मौजूद थे। अनिल गिरी उनका पीछा करते हुए वहाँ भी पहुंच गया, उनके द्वारा अपनी जान बचाने के लिये हैण्डसैट व आरटी सैट के माध्यम से उच्चाधिकारियों को सूचना देने का प्रयास किया तो अनिल गिरी और अधिक आक्रोशित हो गया और उन दो अन्य पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में किसी की परवाह किये बिना सुचना देने से रोकने के लिये उनके साथ मारपीट शुरु कर दी, जान से मारने की नीयत से मेरी वर्दी पकड मुझे खींचने घसिटने लगा तथा सूचना देने पर जान से मारने की धमकी देने लगा वहां मौजूद पुलिस कर्मिर्याे द्वरा मुझे बचाया गया।
एसआई आरती ने बताया कि अनिल गिरी के पास अपनी निजी लाईसेन्सी पिस्टल भी है जिसके दम पर वह उन्हें जान से मारने की धमकी देता रहा। जब अनिल गिरी को यह पता चला कि उसका यह सब कृत्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहा है तो वह शांत हो गया और वहीं पर बैठ कर हाथ जोड़, कान पकड कर माफी मांगने लगा। अनिल गिरी द्वारा उन्हें लगभग 17-18 मिनट तक सीसीटीएनएस कार्यालय में किसी को सूचित करने बाहर निकलने से रोका गया, बंधक बनाया गया, उनका पीछा किया गया, एक लोकसेवक के सरकारी कार्य में बाधा डाली गयी। उन्होंने उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई।
एसआई आरती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कांस्टेबल अनिल गिरी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 351(3), 352, 79 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी गई है। मामले की जांच एसआई कुमकुम धनिक के हवाले की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार कांस्टेबल अनिल गिरी को सस्पेंड कर दिया गया है।



