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Saturday, February 21, 2026
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जैन मिलन काशीपुर ने प्रधानमंत्री से की अनोप मंडल के सदस्यों द्वारा बनिया (जैन) धर्म के विरुद्ध किये जा रहे दुष्प्रचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

काशीपुर (महानाद) : जैन मिलन काशीपुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को पत्र भेजकर अनोप मंडल के सदस्यों के द्वारा बनिया (जैन) धर्म के विरुद्ध किये जा रहे दुष्प्रचार व अनोप मंडल की असामाजिक गतिविधियों की सीबीआई द्वारा जाँच करवाकर कठोर कार्यवाही एवं समस्त प्रचार साम्रगी पर प्रतिबंध करने की माँग की है।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जैन मिलन काशीपुर के अध्यक्ष वीर विवेक जैन एडवोकेट, वीरांगना कुसुम जैन (महिला जैन मिलन), मंत्री वीर प्रवीण कुमार, वीरांगना कमलेश जैन ने बताया कि –
अनोप मंडल एक बनिया (जैन) विरोधी संगठन है, जो कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बनिया (जैन) साधु व साध्वियों के खिलाफ लोगों के दिमाग में जहर घोलने का काम कर रहा है। इन राज्यों में इनका संगठन गाँव- गाँव जाकर प्रचार कर रहा है कि विश्व व भारत में आने वाली हर मानव निर्मित संकट व प्राकृतिक आपदा का एक मात्र कारण बनिया (जैन) लोग हैं। बनिया (जैन) के कारण ही भूकंप आते हैं, इनके कारण ही बाढ़ आती है और इनके कारण ही आतंकवादी हमले होते हैं, ग्लोबल वार्मिंग के पीछे भी इन्हीं का हाथ है।
यद्यपि इसकी कल्पना करना भी अटपटी बात है, पर अनोप मंडल लगातार ऐसा प्रचार करके गाँव- गाँव में इन के विरुद्ध विद्रोह व हिंसा को उकसाने का कार्य कर रहा है। अनोप मंडल के लोग भोले- भाले ग्रामीणों को भय, लालच व प्रलोभन देकर अपने संगठन में शामिल करते जा रहे हैं, और बनिया (जैन) लोगों व जैन धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार को निरंतर बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि बनिया, जैन साधु और जैनों के भगवान काला जादू करके अकाल लाते हैं, बाढ़ लाते हैं, बीमारी फैलाते हैं, स्वाइन फ्लू, एड्स, मलेरिया, लकवा, टाइफाइड आदि की उत्पत्ति इन्होंने की है। अब उनका दावा है कि कोरोना विषाणु जैसी वैश्विक महामारी भी इनके द्वारा लाई गई है।
अनोप मंडल के मुकनराम का कहना है कि बनिया (जैन) अपनी राक्षसी गतिविधियों को बरमूडा ट्राएंगल के 1000 फुट नीचे से संचालित करता है। यद्यपि उनके पास ऐसा सिद्ध करने के लिए कोई प्रमाण होंगे, ऐसा नहीं कहा जा सकता है। अनोप मंडल का इतिहास व साहित्य पढ़ने से पता चलता है कि यह लोग बनिया लोगों की आर्थिक संपन्नता से ईर्ष्या करते हैं । देखने में आया है कि अनोप मंडल ने कई स्थानों पर बनिया (जैन) लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई है। गत् 30- 40 सालों में राजस्थान राज्य में इस संगठन के विरुद्ध अनेक मामले दर्ज हो चुके हैं, हाई कोर्ट के आदेश भी हुए हैं पर आज तक इस संगठन के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही न होने से यह अपना विस्तार देश के अन्य राज्यों में कर रहा है।
जैसा कि आप जानते हैं कि जैन मुनिगण व साध्वियाँ सदैव पैदल चलते हैं और गत् 5-10 वर्षों में गुजरात, राजस्थान व महाराष्ट्र आदि राज्यों में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 150 से अधिक जैन साधु- साध्वियों की मृत्यु भी हुई है। इन दुर्घटनाओं में अनोप मंडल का हाथ होने से इनकार नहीं किया सकता है, इसकी सीबीआई से उच्च स्तरीय जाँच करवाई जाए ताकि सच्चाई दुनिया के सामने लाई जा सके। अनोप मंडल को कौन संचालित करता है, कौन इनकी समाज विरोधी गतिविधियों का चलाने के लिए इनको धन उपलब्ध करवाता है और कौन इनको राजनीतिक संरक्षण देता है भारत सरकार को इसकी सीबीआई जाँच करवानी चाहिए।
बनिया (जैन) समाज की मुख्य मांगें रू
1. सीबीआई द्वारा अनोप मंडल की जाँच और जैन समाज के विरुद्ध भ्रामक प्रचार करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के लिए अनोप मंडल के मुकनराम को गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। अनोप मंडल द्वारा संचालित वेबसाइटों, सोशल मीडिया खातों (ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब) व किताब जगत हितकरणी को प्रतिबंधित किया जाए।
2. अनोप मंडल पर संपूर्ण भारत में पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
3. भारत सरकार पदविहारी जैन साधु- साध्वियों की सुरक्षा व जीवनरक्षा की व्यवस्था करें। इस संबंध में सभी राज्यों की पुलिस को निर्देश जारी करें।

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