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Wednesday, February 25, 2026
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दिवाली धमाका : रामनगर में खाद्य पदार्थों में जमकर हो रही मिलावट खोरी

  • खुलेआम ही बिक रही है मिलावट वाली खाद्य सामग्री
  • स्वास्थ्य व खाद्य विभाग सोया कुंभकरर्णी नींद
  • आम आदमी के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़
  • हो जाओ सावधान असली कही जाने वाली किसी भी चीज पर ना करें भरोसा

सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : दिवाली का त्योहार आते ही मिलावटखोरों की चांदी शुरू हो जाती है। क्योंकि दिवाली पर्व पर बड़े स्तर पर लोग खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते हैं, परंतु उन्हें क्या जानकारी कि वह जो सामान खरीद रहे हैं वह असली है या नकली। रामनगर में खाद्य व स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते नगर में खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट की जा रही है।

सूत्रों की माने तो दिवाली पर्व के में मिठाइयों की दुकान पर बड़े स्तर पर मिठाईयां तैयार करने के लिए शहर में बड़े पैमाने पर ट्रेन बसों आदि वाहनों के माध्यम से आजकल सिंथेटिक दूध मावा और पनीर लाकर सप्लाई किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर शहर में ही कई दुकानें ऐसी हैं जहां सिंथेटिक पाउडर से दूध, मावा व पनीर बनाकर बेचा जा रहा है, जिसके चलते लोगों की सेहत खराब हो रही है। वहीं इससे गंभीर बीमारियों की संभावना भी बनी रहती है।

आपको बता दें कि जहां एक तरफ महंगाई बढ़ रही है तो दूसरी और मिलावट के कारण संतुलित और शुद्ध भोजन मिल पाना मुश्किल सा होता दिख रहा है। शुद्ध पदार्थों की कोई गारंटी नहीं रहे। अधिक लाभ कमाने की खातिर खाद्य पदार्थों में घटिया स्तर की ऐसी चीजें मिलावट की जाती है जो निस्संदेह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। आटा, मावा, देशी घी, दूध, मक्खन, खाद्य तेल, चाय, साबुन, पिसे मसाले, दाल आदि तमाम वस्तुएं ऐसी है जिनमें जमकर मिलावट की जा रही है।

सोचने वाली बात यह है कि शहर में संबंधित विभाग छापा मार अभियान चलाकर कुछ सैंपल भरकर कार्रवाई का दावा करता है। परंतु जो बड़े-बड़े मिलावट खोर हैं उन्हें पहले ही छापामार अभियान की सूचना मिल जाती है, जिसके चलते वह अपनी दुकानों को बंद कर देते हैं। इससे संदेह होता है कि क्या मिलावटखोरों की संबंधित विभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ है। वहीं दूसरी ओर सरकार के द्वारा जनहित में उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है। मिलावट की शिकायत करने के लिए संबंधित कार्यालयों और अधिकारियों के बारे में जानकारी भी दी जाती है। लेकिन मिलावट है कि बंद ही नहीं होती।

अब देखना यह है कि संबंधित विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करता है या कुंभकरण की नींद में सोकर सारा तमाशा देखता रहेगा।

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