spot_img
spot_img
Thursday, February 26, 2026
spot_img

सावधानी से चलें, सुरक्षित चलें : उधम सिंह नगर सहित उत्तराखंड के कई जिलों में लगे ‘डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड’

देहरादून (महानाद) : सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवरस्पीड है, जिसके कारण राज्य में कई सड़क दुर्घटनाएं घटित होती हैं। पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात, उत्तराखण्ड मुख्तार मोहसिन द्वारा उक्त कारण का विश्लेषण करने के उपरान्त राज्य में गति सीमा के निर्धारण हेतु जनपदों को निर्देशित किया गया तथा इसके साथ ही उपकरणों से गतिसीमा की चेतावनी हेतु राज्य में पहली बार प्रारम्भिक चरण में हाईटेक गतिसीमा बोर्ड (डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड) क्रय किये गये हैं।

इस वर्ष यातायात निदेशालय द्वारा कुल 10 ‘डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड’ खरीदे गये हैं। जिनको निम्न प्रकार जनपदों में लगाया गया है –

1. उधम सिंह नगर (3) – 1. गदरपुर बाजार 2. पुलिस आउट पोस्ट, बरा, थाना पुलभुट्टा 3. लालपुर मार्केट, किच्छा

2. देहरादून (3) – 1. नियाल हिल्स अपार्टमेंट, हरिद्वार बाईपास 2. नियर होटल सनराईज, राजपुर रोड 3. नियर सीएसडी डिपो, ईसी रोड, आराघर।

3.2. हरिद्वार (3) – 1. नियर सिंह द्वार, गुरुकल कांगड़ी 2. झबरेड़ा तिराहा, मंगलौर 3. भगवानपुर फ्लाईओवर

4.नैनीताल (1) – दाबका से कालाढूंगी, निकट कारा रिसोर्ट, कालाढूंगी

क्या होता है डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड –
डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड (रडार स्पीड साइन बोर्ड) गतिसीमा का एक हाईटेक उपकरण होता है, जो सड़क पर लगाया जाता है ताकि वाहन चालकों को उनकी गाड़ी की गति की सूचना मिल सके। यह साइन बोर्ड रडार तकनीक का उपयोग करता है जो आगे आ रहे वाहनों की गति को मापने के लिए होती है। जब कोई वाहन इस साइन बोर्ड के पास से गुजरता है, तो उसकी गति साइन बोर्ड पर प्रदर्शित हो जाती है। जैसे अगर गति सीमा 20 निर्धारित की गई है तो यह 20 तक ।Amber लाईट ब्लिंक करेगा और अगर 20 से ऊपर किसी वाहन चालक की गति होगी तो यह लाल लाईट ब्लिंक करेगा। यह एक सुरक्षा उपाय के रूप में भी काम करता है क्योंकि यह वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की गति को निर्धारित गति में रहने के लिए प्रेरित करता है और सुरक्षित गति चेतावनी प्रदर्शित करता है।

पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात, उत्तराखण्ड मुख्तार मोहसिन

पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात उत्तराखण्ड मुख्तार मोहसिन ने बताया कि डिजिटल स्पीड साईन बोड पर अपने वाहन की गति सीमा देखने के पश्चात वाहन चालकों पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव आयेगा। जिससे अगर उनके वाहन की रफ्तार अधिक होगी तो वह अपने वाहन की रफ्तार को स्वयं से कम कर लेंगे। इसके साथ ही यदि किसी वाहन में बच्चे उक्त बोर्ड को देखेगें तो वह अपने माता-पिता या संरक्षक को बतायेंगे कि आपके वाहन की अधिक है या कम जिससे वह बच्चे भविष्य के लिए गति-सीमा के पालन हेतु प्रेरित होंगे।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles