महानाद डेस्क : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फिरोजपुर में तैनात सेना के जवानों को चाय, पानी, दूध, लस्सी जैसी चीजें पहुंचाने वाले पंजाब के चौथी क्लास में पढ़ने वाले श्रवण सिंह को भारतीय सेना की गोल्डन एरो डिवीजन ने रिटर्न गिफ्ट देते हुए उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही है। फिरोजपुर छावनी में आयोजित एक समारोह में वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने उक्त घोषणा करते हुए नन्हें श्रवण को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि श्रवण की यह कहानी देश में मौजूद उन मौन नायकों की याद दिलाती है, जो मान्यता और समर्थन के हकदार हैं।
आपको बता दें कि फिरोजपुर जिले के ममदोट क्षेत्र के गांव तारा वाली गांव में रहने वाला श्रवण चौथी कक्षा का छात्र है। तारा वाली गांव भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 2 किमी दूर है। मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इलाके में जब तनाव चरम पर था और भीषण गर्मी पड़ रही थी और भारतीय सेना के जवान पाकिस्तानी सेना को मुंह तोड़ जवाब दे रहे थे। इस दौरान श्रवण सिंह हर दिन अपने छोटे हाथों में दूध, लस्सी, ठंडा पानी, बर्फ आदि लेकर जवानों के बीच पहुंचता रहा। श्रवण यह सब अपनी मर्जी से देश के सैनिकों के लिए कर रहा था। तनावपूर्ण हालातों और गोलियों की तड़तड़ाहट के बावजूद उसका साहस और समर्पण डगमगाया नहीं।
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद श्रवण के पिता सोना सिंह ने बताया कि पहले दिन से ही श्रवण जवानों की मदद करने लगा। हमने उसे रोका नहीं, बल्कि उसका उत्साहवर्धन किया। श्रवण बड़ा होकर सेना में शामिल होना चाहता है।



