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Friday, March 13, 2026
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बार काउंसिल की बड़ी कार्रवाई : 28 वकीलों को किया संस्पेंड

नई दिल्ली (महानाद) : बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फर्जी मोटर बीमा दावे दायर करने वाले उत्तर प्रदेश के 28 वकीलों को कदाचार के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया। बीसीआई ने वकीलों के नाम प्रदेश बार काउंसिल को भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही तीन महीने के भीतर जांच करने और रिपोर्ट बीसीआई को भेजने के निर्देश दिये हैं। सभी मामलों की सुनवाई पूरी होने तक ये सभी 28 वकील सस्पेंड रहेंगे।

बता दें कि फर्जी मोटर बीमा दावे घोटाले के खुलासे के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसआईटी को जांच सौंपी थी। इस घोटाले से बीमा कंपनियों को 300 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगने से बच गई।

विगत 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस एमआर शाह व जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने पाया था कि एसआईटी ने यूपी के जिलों में जो 92 मामले दर्ज किए हैं, उनमें से 55 में 28 वकीलों के नाम शामिल हैं। इनमें से 32 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। पीठ ने सुनवाई के दौरान वकीलों पर कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी भी जताई थी।

एसआईटी गठन के बाद 1376 संदिग्ध दावों की शिकायतें आई थीं जिनमें से अभी तक 250 शिकायतों की जांच पूरी हो पाई है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण एवं कामगार मुआवजा कानून के तहत बीमा कंपनियों व अलग-अलग अधिकरणों ने कुल 233 दावों को संदिग्ध या फर्जी पाते हुए 300 करोड़ रुपये से अधिक के दावे खारिज कर दिये थे।

विदित हो कि यूपी में फर्जी मोटर बीमा दावा दायर करने के फर्जीवाड़े की जांच छह साल से एसआईटी कर रही है। 2015 में यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने आया था। अलग-अलग बीमा कंपनियों ने कई अदालतों में फर्जी बीमा दावे का आरोप लगाते हुए मामले दर्ज करवाये थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर 2015 को प्रदेश सरकार से एसआईटी गठित कर जांच करवाने के आदेश दिए थे। फर्जी दावों के सबसे अधिक 12 मामले सहारनपुर में दर्ज किये गये। वहीं मेरठ में 9, मुरादाबाद में 7, अलीगढ़ में 6, गाजियाबाद-हापुड़ में 5-5, रायबरेली में 3, इटावा व लखनऊ में 2-2 तथा अयोध्या, मैनपुरी, मुजफ्फरनगर व उन्नाव में 1-1 मामले दर्ज हैं।

एफआईआर में इन वकीलों के नाम हैं शामिल –
सहारनपुर – इंदरसिंह गौतम, देशराज सिंह गौतम, रवि कुमार, सुधीर कुमार, जय सिंह, हेमंत कुमार खनिजो, अहबाब हसन।
मेरठ – चमन लाल, विकास सिंह, अरविंद सिंह भाटी, मौहम्मद रगीब।
गाजियाबाद – बलराम सिंह यादव, मोहन पाल रावत।
अलीगढ़ – महेंद्र पाल सिंह, राकेश कुमार, कमल कुमार।
रायबरेली – सुशील कुमार त्रिपाठी, संतोष कुमार निगम।
मुजफ्फरनगर – निशुकांत शर्मा, मनोज।
इटावा – अजय सिंह, अतुल कुमार दीक्षित, अनिल कुमार गौड़।
लखनऊ – अमित सोनकर, राजेश कुमार।
कानपुर – आशीष गर्ग।
हरिद्वार -श्रवण कुमार।
इसके अलावा राकेश कुमार का नाम भी एफआईआर में शामिल है लेकिन उसके पते की पुष्टि अभी तक एसआईटी नहीं कर पाई है।

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