विकास अग्रवाल की विशेष रिपोर्ट
महानाद डेस्क : यदि आप काशीपुर में अपने सपनों का घर बनाने के लिए जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, जमीन खरीदने के लिए बयाना दे दिया है या रजिस्ट्री कराने जा रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। काशीपुर का एक्सपायर हो चुका मास्टर प्लान आपके सपनों के घर की राह में रोड़ा बन सकता है।
किराये के मकानों में रहने वाले हर पति-पति का एक सपना होता है कि एक दिन वे अपने सपनों का घर बनायेंगे। इसके लिए वे अपना तन-मन काटकर एक-एक रुपया जमा करते हैं और फिर किसी प्रोपर्टी डीलर के जरिए या अपने किसी मिलने वाले के जरिए प्लॉट खरीद लेते हैं और रजिस्ट्री भी करवा लेते हैं। लेकिन जब वे उस प्लॉट पर नक्शा बनवाने के लिए आर्किटेक्ट के पास जाते हैं तो उनके अरमानों पर पानी फिर जाता है, जब उन्हें पता चलता है कि जहां उन्होंने प्लॉट खरीदा है, वह मास्टर प्लान में कमर्शियल एरिया के रूप में घोषित है, ट्रांसपोर्ट नगर के लिए घोषित है, या वहां पर 120 फिट की सड़क होनी चाहिए लेकिन वहां 20-30 फिट की सड़क है या उद्योगों के लिए घोषित है।
आपको बता दें कि काशीपुर में 2001 में मास्टर प्लान लागू हुआ था, जो 2011 में खत्म हो गया और नया मास्टर प्लान अभी प्रोसेस में है, अभी लागू नहीं हुआ है। उत्तराखंड में 2017 में विकास प्राधिकरण की स्थापना हुई और उसने नक्शा पास करने के लिए 2011 में रिटायर हो चुके मास्टर प्लान को आधार बनाया।
जहां विकास प्राधिकरण ने एक पुराने मास्टर प्लान को नक्शा पास करने का आधार बना रखा है, वहीं उक्त मास्टर प्लान की जानकारी देने के लिए विकास प्राधिकरण ने कोई कदम नहीं उठाये हैं। जिस कारण जब कोई पति-पत्नी जमीन खरीद लेते हैं और नक्शा पास कराने के लिए किसी आर्किटेक्ट के पास जाते हैं तब उन्हें पता चलता है कि उनकी जमीन पर नक्शा पास नहीं होगा जिससे वे निराश होकर वापिस किराये के घर में चले जाते हैं और उनका अपने घर का सपना टूट जाता है।
क्या है इससे बचने का उपाय –
जब भी आप अपने सपनों का घर बनाने के लिए जमीन खरीदने की सोचें तो पहले किसी अर्किटेक्ट के पास जाकर मास्टर प्लान देखकर यह सुनिश्चित कर लें कि आप सही जगह पर जमीन खरीद रहे हैं। जहां प्लॉट खरीद रहे हैं वहां यह देखकर निश्चिंत न हो जायें कि वहां पहले से मकान बने हुए हैं। आपको मास्टर प्लान देखकर ही जमीन खरीदनी है।
सरकार/प्रशासन/विकास प्राधिकरण को सुझाव –
– सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह मास्टर प्लान का नक्शा प्रदर्शित करना चाहिए।
– मास्टर प्लान की एक प्रति की बड़ी फ्लैक्स रजिस्ट्री ऑफिस में लगाये।
– रजिस्ट्री तैयार करने वाले वकीलों को मास्टर प्लान के बारे में पूरी जानकारी और उसकी एक प्रति दी जाये ताकि वे देख सकें कि वे सही जगह पर सही प्रयोग के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवा रहे हैं।
– रजिस्ट्री करने से पहले रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित कर लें कि जिस प्रयोग के लिए जमीन ली जा रही है, मास्टर प्लान में वह जगह उस प्रयोग के लिए निश्चित की गई है।



