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Saturday, March 7, 2026
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अलख मुनि महाराज की मौत के दोषी शिष्य और चालक गिरफ्तार

बागेश्वर (महानाद) : पुलिस ने अंग्यारी महादेव मन्दिर के बाबा अलख मुनी महाराज की मृत्यु के सम्बन्ध में मृतक बाबा के शिष्य व वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी बागेश्वर चंद्रशेखर घोड़के ने बताया कि दिंनाक 25.11.2024 को मदन मोहन गुसाँई (पूर्व ग्राम प्रधान) ग्राम मजकोट, तहसील गरुड़, बागेश्वर ने सूचना दी कि बाबा अलख मुनि महाराज बदरीनाथ से अंग्यारी महादेव मन्दिर को आये थे। लेकिन मन्दिर में नहीं पहुंचने और उनका सामान अंग्यारी महादेव मन्दिर गेट की तरफ जंगल में बिखरा हुआ है।

सूचना के आधार पर राजस्व उप निरीक्षक पिंगलो द्वारा गुमशुदगी दर्ज कर जाँच प्रारम्भ की गई। राजस्व पुलिस व जनपद पुलिस द्वारा खोजबीन करने पर बाबा अलख मुनि महाराज का शव दिंनाक 26.11.2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में मन्दिर से आगे जंगल में मिला। उक्त सम्बन्ध में मदन मोहन गुंसाई की तहरीर के आधार पर राजस्व क्षेत्र पिंगलो में धारा 103/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

घटना की संवेदनसीलता को देखते हुए मुकदमा रेगुलर पुलिस को हस्तानान्तरित कर उनके द्वारा मामले की जांख् थानाध्यक्ष बैजनाथ के सुपूर्द कर सीओ अंकित कण्डारी के पर्यवेक्षण में जनपद स्तर पर चार टीमों का गठन कर शीघ्र बाबा अलख मुनि महाराज की मृत्यु के अनावरण हेतू आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

टीमों द्वारा आस-पास के जिलों व गैर राज्य से सुरागरसी पतारसी कर मुखबिर की सूचना पर बाबा के साथ दो व्यक्ति प्रकाश में आये। दोनों व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ के दौरान यह तथ्य प्रकाश मे आया कि बाबा वाहन चालक हरेन्द्र सिंह रावत की गाड़ी में अंग्यारी महादेव मन्दिर के लिए आ रहे थे। रास्ते मे उनके द्वारा अपने भक्तों को प्रसाद भी बांटा गया था और शनि पूजा के लिए शराब भी खरीदी थी, जिसको उन्होंने रास्ते में अपने चेले अर्जुन गिरी व ड्राईवर हरेन्द्र सिंह रावत के साथ पिया था।

एसपी ने बताया कि अंग्यारी मन्दिर गेट पहुँचने तक अन्धेरा हो चुका था। मन्दिर से पहले संकरे रास्ते में बाबा अलख नाथ रास्ते से फिसलकर नीचे गिर गये, जिन्हें अर्जुन व चालक हरेन्द्र ने ऊपर निकाला और वे दोनों बाबा को पकड़कर मन्दिर की ओर आने लगे। इस दौरान बाबा ने दोनों को गाली देनी शुरु कर दी, जिससे इन दोनों ने आवेश में आकर बाबा को सहारा देना छोड़ दिया और बाबा लड़खड़ाते हुए पहाड़ी से नीचे गिर गये। उसके बाद दोनों ने बाबा की गिरने की बात किसी को नहीं बताई। दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि यदि उस समय हमारे द्वारा बाबा के गिरने की सूचना अंग्यारी महादेव में मौजूद बाबा अंगीरा मुनि महाराज व गाँव के लोगों को दी होती तो बाबा जी को बचाया जा सकता था और अपनी गलती के लिए पश्चाताप करने लगे।

उक्त के आधार पर दिनांक 10/12/2024 को जनपद बागेश्वर पुलिस द्वारा उक्त घटना मे लिप्त अभियुक्त बाबा अर्जुन गिरी व उसके सहयोगी चालक हरेन्द्र सिंह रावत को धारा 105/238 बीएनएस में थाना बैजनाथ के कंधार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। एसपी चन्द्रशेखर घोड़के द्वारा उक्त मामले के अनावरण हेतु गठित पुलिस टीम को 2500 रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की गयी है।

पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक सलाउद्दीन, थानाध्यक्ष बैजनाथ प्रताप सिंह नगरकोटी, एसआई खुशवंत सिंह, महेश चंद्र, हेड कां. मनोज देवड़ी, कां. घनश्याम सिंह, रमेश गढ़िया, इमरान खान, वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र राणा, भुवन बोरा, संतोष राठौर तथा चन्दन कोहली शामिल थे।

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