चित्तौड़गढ़ (महानाद): वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इस मामले में देश से माफी मांगने की मांग की।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का गायन चल रहा था और इसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इसे रोकने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने यह सब देखा है और कांग्रेस को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी भावनाओं और बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम को भुलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की यह रचना स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का काम करती थी। शाह ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेता मौजूद थे।
ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ। इसी दौरान सोनिया गांधी के एक इशारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने वंदे मातरम का गायन रोकने के लिए कहा था।
हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाया गया था। कांग्रेस की सफाई के बावजूद इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।



