काशीपुर (महानाद) : एक आरटीआई कार्यकर्ता ने एआरटीओ कार्यालय में 115 निजी ट्रैक्टरों को बिना वैध दस्तावेजों के व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अजहर ने इस मामले में परिवहन आयुक्त कार्यालय को स्पीड पोस्ट के माध्यम से विस्तृत लिखित शिकायत भेज कर कार्रवाई की मांग की है।
परिवहन आयुक्त को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त आधिकारिक उत्तर में स्वयं एआरटीओ कार्यालय काशीपुर ने यह स्वीकार किया है कि 1 जनवरी वर्ष 2025 से 23 दिसम्बर वर्ष 2025 के बीच कुल 115 निजी ट्रैक्टरों को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित किया गया, लेकिन इन ट्रैक्टरों से संबंधित अनिवार्य पत्रावलियाँ जैसे वैध आरसी, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र कार्यालय में संधारित ही नहीं है। यह स्वीकारोक्ति अपने आप में गंभीर प्रशासनिक अनियमितता की ओर इशारा करती है।
शिकायतकर्ता आसिम अजहर का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को व्यावसायिक उपयोग में लाना Motor Vehicles Act, 1988 Central Motor Vehicles Rules (CMVR) तथा आरटीआई की धारा 4(1)(a) (रिकॉर्ड संधारण) का सीधा उल्लंघन है। इतना ही नहीं, इतने बड़े पैमाने पर रूपांतरण की पत्रावलियाँ न होना, संभावित भ्रष्टाचार, विभागीय मिलीभगत और राजस्व हानि की आशंका को भी जन्म देता है।
आसिम अजहर ने परिवहन आयुक्त को भेजी गई शिकायत में प्रमुख रूप से मांग की है कि 115 ट्रैक्टरों के व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित की विशेष जाँच कराई जाए, बिना वैध दस्तावेज किए गए रूपांतरणों को तत्काल निरस्त /निलंबित किया जाए, संबंधित एआरटीओ व लोक सूचना अधिकारियों की भूमिका तय कर विभागीय व दंडात्मक कार्यवाही की जाये व जाँच रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाये।
शिकायतकर्ता आसिम अज़हर का कहना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, जनहित और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते निष्पक्ष जाँच नहीं हुई, तो मामला राज्य सूचना आयोग, सतर्कता विभाग और आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा।



