विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मानवीय क्षति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मेयर दीपक बाली ने उत्तराखड जल संस्थान, रामनगर के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में जनता जनार्दन को आपूर्ति किये जा रहे पेयजल की गुणवत्ता अनुपालित करने एवं नाले/नालियों के समीप स्थापित पाईप लाईन लीकेज के विशेष परीक्षण करने को कहा है। पूरे उत्तराखंड में मेयर दीपक बाली अकेले ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जिन्होंने इंदौर की घटना को तत्काल गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान को पत्र लिखा है।
अधिशासी अभियंता को लिखे पत्र में मेयर बाली ने कहा है कि विगत 4-5 दिनों से समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में किन्हीं स्थानों पर पानी की लाईनों में लीकेज के चलते इंदौरवासियों को प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो गई, जिसके कारण मानव क्षति की घटित कष्टकारी एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यन्त चिंताजनक है, जिससे विगत 3 दिन से अपने अर्न्तमन में मंथन कर बैचेनी महसूस कर रहा हूं, कि यदि इंदौर की पेयजल आपूर्ति की प्रतिदिन गहन निगरानी की जाती, तो सम्भवतः यह दुर्घटना नहीं होती और देश के सबसे स्वच्छ शहर के आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गम्भीर एवं इस प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते।
उपरोक्त गम्भीर परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये काशीपुर नगर क्षेत्र के नगरवासियों की सुरक्षा को प्राथमिक स्थान देते हुये उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा आपूर्ति किये जा रहे पेयजल की गुणवत्ता को लेकर विषेश सतर्कता बरतना अत्यावश्यक हैं। नगर क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य को सर्वाेपरि मानते हुये आपसे अपेक्षा करना चाहूंॅगा कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के स्तर से निम्न बिन्दुओं पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जायें –
1- सम्पूर्ण नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की नियमित एवं विषेश गुणवत्ता जांच करायी जाये और उसकी रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध कराई जायें।
2- समस्त नगर के जिन-जिन क्षेत्रों एवं नाले/नालियों के किनारे पानी की पाईपलाईन जा रही है और इन सभी लाईनों के आसपास में विभागीय ध्वस्त सीवर लाईन भी स्थापित है ऐसे सभी स्थानों पर पेयजल पाईप लाईन का विषेश परीक्षण कर सम्भावित लीकेज क्रॉस-कनेक्शन अथवा ऐसे स्थान जहां आपके विभागीय कर्मचारियों द्वारा ध्वस्त सीवर व्यवस्था को नालियों में कटिंग कर जोड़ दिया गया है, ऐसे स्थलों का सतत संज्ञान लेकर जनहित में तात्कालिक परीक्षण किया जाना अत्यावश्यक है, जिससे ऐसे स्थानों का चिन्हींकरण करते हुये यथाशीघ्र सुधार किये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित हो ताकि किसी भी प्रकार की अपरिहार्य परिस्थतियों से बचा जा सकें।
3- जिन स्थानों पर तकनीकी अथवा मानवजनित त्रुटि पायी जाये, वहां तत्काल मरम्मत एवं सुधार कार्य कराया जाये।
4- नगर निगम स्तर से क्षतिग्रस्त और लीकेज सुधार हेतु हस्तानान्तरित 4 करोड़ की राशि से जनहित में कराये गये कार्याे की स्थिति से भी अवगत करायें कि यह योजना किस स्थान पर की गई है।
मेयर बाली ने कहा है कि उपरोक्त कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुये नगर की सम्मानित जनता के स्वास्थ्य से बिना समझौता किये कार्यवाही की जाए और उन्हें की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए, जिससे नगरवासियों को सुरक्षित स्वास्थ्य के लिये स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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