मोदी ने किया वैक्सीन व रेमडेसिविर जैसी दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगाने का आह्वान

मोदी ने किया वैक्सीन व रेमडेसिविर जैसी दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगाने का आह्वान

नई दिल्ली (महानाद) : कोरोना संक्रमण के खिलाफ युद्ध में वैक्सीन व रेमडेसिविर जैसी दवाओं की अहमियत और देश में हो रही इनकी किल्लत को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनका उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगाने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान कहा कि देश में प्राइवेट और सरकारी क्षेत्र की पूरी फार्मास्युटिकल क्षमता का इस्तेमाल इस दिशा में किए जाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट का कोई विकल्प नहीं है। हमने पिछले साल भी कोरोना को मात दी थी। इस बार भी उसी रणनीति पर और तेजी से बढ़ते हुए हम इस महामारी को मात दे सकते हैं।

मोदी ने केंद्र और राज्यों के बीच करीबी समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि रेमडेसिविर और अन्य दवाओं का इस्तेमाल मेडिकल गाइडलाइंस के हिसाब से ही हो। इनके दुरुपयोग और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं।

प्रधानमंत्री ने मंजूर किए जा चुके मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को गति देने का निर्देश दिया। 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पीएम केयर्स फंड से 162 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। कोरोना बेड को लेकर उन्होंने कहा कि अस्थायी अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर समेत अन्य माध्यमों से कोरोना मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी की बैठक से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन की अगुआई में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित 11 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसमें वेंटीलेटर की कमी पर चर्चा पर हर्षवर्धन ने बताया कि राज्यों को 6000 नए वेंटीलेटर दिए जाएंगे। जिसमें महाराष्ट्र को 1121, उत्तर प्रदेश को 1700, झारखंड को 1500, गुजरात को 1600, मध्य प्रदेश को 152 और छत्तीसगढ़ को 230 वेंटीलेटर की आपूर्ति की जाएगी। बैठक में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, बंगाल तथा यूपी के स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सभी राज्यों ने रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कमी और इसके कारण सामने आ रही परेशानियों का जिक्र किया। रेमडेसिविर की ब्लैकमार्केटिंग पर चिंता जताते हुए इसकी कीमत निर्धारित करने और उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने केंद्र सरकार के अस्पतालों में कोरोना बेड बढ़ाने की मांग की।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में कई अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट विकसित कर रही है। पिछले साल हमने एक लाख सिलेंडर खरीदकर राज्यों को फ्री आपूर्ति की थी। एक लाख सिलेंडर और खरीदे जा रहे हैं।

वहीं, नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद कई कंपनियों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत कम कर दी है। कैडिला हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज और सिप्ला ने कीमतें घटा दी हैं। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, सरकार के हस्तक्षेप के बाद रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमतें कम हुई हैं। मैं इन कंपनियों को धन्यवाद देता हूं।

बता दें कि सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की कटौती की है।फिलहाल इस इंजेक्शन की कीमत 2,450 रुपये है। कटौती के बाद ये 1225 रुपए में उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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