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Friday, February 13, 2026
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अपराध का बदला अपराध से, सारे पहुंचे जेल

देहरादून (महानाद) : अपराध का बदला अपराध से लेने के लिए कुछ युवकों ने एक युवक का अपहरण कर लिया। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण सारे अपराधी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गये।

एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार की शाम को पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि कुछ युवकों ने देहरादून-मसूरी मार्ग पर, डीआइटी विश्व विद्यालय के पास एक युवक का अपहरण कर लिया है और उसे कार में लेकर कहीं गये हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने शहर में सभी थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया तथा राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल अपहरणकर्ताओं की कार के पीछे लग गई और महज 15 मिनट के अंदर ही आरोपियों को कार सहित राजपुर रोड पर यूकेलिप्टिस मोड़ पर पकड़ लिया। वहीं जिस युवक का अपहरण हुआ था, उसके कब्जे से अवैध पिस्टल मिलने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कार में 5 युवक मिले। जिनमें पिछली सीट पर बीच में बैठे एक युवक ने अपना नाम दुर्गेश कुमार निवासी ग्राम संगरोली, थाना डांड, जिला कैथल (हरियाणा) बताया। उसने बताया कि वर्तमान में वह मसूरी मार्ग पर आर्केडिया हिल लॉक्स में रहता है। उसने कार सवार 4 अन्य युवकों पर लेनदेन के विवाद में उसका अपहरण करने का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस ने चारों युवकों करनाल के ग्राम-पोपडा थाना असंध निवासी संदीप कुमार, ग्राम-सांभली थाना-निगदु निवासी राहुल और जसवीर तथा ग्राम-उपनाला थाना असंध निवासी कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी दुर्गेश के परिचित बताए गए हैं।

युवकों से पूछताछ करने पर पता चला कि दुर्गेश ने वर्ष 2018 में आरोपी संदीप कुमार के भाई को यूएसए भेजने के नाम पर 21 लाख रुपये लिए थे। इसमें 18 लाख रुपये सिक्योरिटी जमा होने, जबकि 3 लाख रुपये एजेंट की कमीशन होना बताया गया। दुर्गेश ने बताया कि सिक्योरिटी की 18 लाख रुपये की रकम बाद में वापस मिल जाएगी। जब वर्ष 2019 में संदीप के भाई को यूएसए में पीआर (ग्रीन कार्ड) मिल गया तो 18 लाख रुपये दुर्गेश को वापस मिल गए, लेकिन उसने यह धनराशि संदीप को वापस नहीं की। दुर्गेश बार-बार टाल-मटोल करता रहा और बाद में गायब हो गया। संदीप उसकी काफी समय से तलाश कर रहा था। जब उसे पता चला कि वह देहरादून में है तो उक्त रकम वापस लेने के लिए वे देहरादून पहुंचे थे। जहां दुर्गेश ने उन्हें पिस्टल दिखाते हुए धमकाने का प्रयास किया तो वह उसे जबरन कार में डालकर अपने साथ ले गए।

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