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Friday, February 20, 2026
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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तस्करों की धरपकड़ के लिए टीम रवाना…

देहरादून: बड़कोट और लच्छीवाला वन विभाग ने खैर तस्करों की पहचान करते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें वन अधिनियम और पुलिस की संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद संयुक्त टीम द्वारा तस्करों की धर-पकड़ के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए टीमों को रवाना कर दिया गया है।

वहीं लच्छीवाला वन रेंज में कटे पड़े हुए खैर के पेड़ों को जंगल से हटवाया जा रहा है। लच्छीवाला रेंज में हाल ही में जो दर्जनों खैर के पेड़ काटे गए हैं। उसमें से खैर तस्कर कुछ पेड़ ही ले जा पाए हैं। बाकि माल वहीं पड़ा है। जिसे वन विभाग द्वारा वहां से हटवाया जा रहा है। इस मामले में बड़कोट और लच्छीवाला दोनों वन रेंजों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को बड़कोट और लच्छीवाला वन रेंज के जंगलों में दर्जनों खैर के काटे गए पेड़ों का फंडा फोड किया था। पेड़ कटने की जानकारी वन विभाग को भी नहीं थी। और मीडिया ने ही वन विभाग को पेड़ काटने की जानकारी दी। जिसके बाद से दोनों वन रेंजों में हड़कंप मचा हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद ही वन महकमा हरकत में आया। और तस्करों की पहचान कर जुर्म काटा। अब वन विभाग आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का दावा कर रहा है।

खबर ने फेरा तस्करों के मंसूबे पर पानी

डोईवाला। खैर के तस्कर बड़कोट वन रेंज से करीब आधा दर्जन पेड़ काटकर ले गए थे। उसके बाद उन्होंने लच्छीवाला के जंगल में दर्जनों पेड़ों पर आरियां चलाई। और कुछ माल लेकर चले गए। बचा हुआ माल तस्कर ले जाते उससे पहले ही खैर के पेड़ कटने की खबर प्रकाशित हो गई। जिससे तस्कर लाखों की कीमत के कटे हुए पेड़ नहीं ले जा सके। और अब वन विभाग उस माल को अपने कब्जे में ले रहा है।

इन लोगों पर खैर के पेड़ काटने का है आरोप

डोईवाला। वन विभाग ने वन अधिनियम और पुलिस में खैर के पेड़ काटने के आरोप में मौसूम अली पुत्र शमरूद्दीन निवासी हलजौरा, सुलेमान पुत्र वहीद निवासी हलजौरा, गुड्डू पुत्र मुल्ला कामिक निवासी सिकरोड तीनों निवासी हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इन्होंने कहा

बड़कोट और लच्छीवाला वन रेंज से काटे गए पेड़ों के तस्कर एक ही हैं। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि तस्कर लच्छीवाला से दस फीसदी माल ही ले जा सकें हैं। बाकि कटे पेड़ जंगल में ही हैं। जिन्हे वन विभाग अपने कब्जे में ले रहा है। नितिनमणी त्रिपाठी डीएफओ देहरादून।

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