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Thursday, February 12, 2026
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पुलिस ने की आनाकानी तो बाप ढूंढ कर लाया बेटे के कत्ल के सबूत

जयपुर (महानाद): जब पुलिस ने बेटे के कत्ल किये जाने की बात को नकार दिया तो एक बाप ने खुद जांच की और बेटे के कल् के सबूत पुलिस को लाकर दिये। जिसके बाद पुलिस ने कत्ल का केस दर्ज कर जांच शुरु की है।

बता दें कि करधनी थाना क्षेत्र निवासी अजीत सिंह शेखावत ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि विगत 5 जून की शाम करीब 4 बजे उनका बेटा रविन्द्र अपने बचपन के दोस्त आर्यन के घर जाने की बात कहकर निकला था। जब 6ः30 बजे तक वह वापस घर नहीं आया तो वे उसे ढूंढते हुए निवारु रोड पहुंचे। जहां आर्यन अपने दोस्त के साथ मिला। जब उससे रविंद के बारे में पूछा तो उसने उससे मिलने की बात से इंकार कर दिया। अगले दिन 6 जून को भी उनका बेटा घर वापस नहीं आया। तो वे फिर उसे ढूंढने के लिए निवारु रोड नांगल जैसा बोहरा तक गये। जब उन्होंने आर्यन से फिर जानकारी लेनी चाही तो उसने उनका मोबाइल नं. ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद 7 जून को उनके बेटे की लाश नागंल जैसा बोहरा स्थित निर्मल वाटिका में रोड किनारे एक खेत से बरामद हुई।

अजीत सिंह ने बताया कि उनके बेटे रविन्द्र की लाश मोर्चरी में रखी थी। 7 जून की शाम को रविंद्र के दोस्त आर्यन की मां ने उन्हें फोन कर पोस्टमार्टम के बारे में पूछा। अगले दिन सुबह कांवटिया में जब रविंद्र का पोस्टमार्टम हो रहा था तो फिर उन्होंने फोन किया। तीसरी बार फिर उन्होंने फोन कर पूछा कि दाह संस्कार के लिए गांव रवाना हो गए क्या? आर्यन की मां के बार-बार फोन करने पर मुझे शक हुआ।

अजीत सिंह ने बताया कि रविंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता नहीं चला और पुलिस ने विसरा रिपोर्ट के कराने बहाने मामला शांत कर दिया। अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद एसएचओ बनवारी लाल को फोन किया तो उन्होंने कहा कि पहले बेटे का 12वां कर लो, उसके बाद थाने आकर रिपोर्ट दर्ज करा देना। 22 जून को वे थाने जाकर पुलिस से मिले और एफआईआर दर्ज करने को कहा लेकिन उन्हें टरका दिया कि रिपोर्ट तो पहले ही दर्ज हो रखी है। इसके बाद उन्होंने थाने के 3-4 चक्कर लगाये लेकिन पुलिस ने उनके बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया।

अपने बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पिता अजीत सिंह शेखावत जयपुर के करधनी थाने के चक्कर काटते रहे। आखिरकार पुलिस से निराश होकर उन्होंने खुद जानकारी जुटानी शुरू की। जिस खेत में बेटे की लाश मिली थी उन्होंने वहां आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी हासिल की। पता चला कि उस खेत में मजदूर काम करते हैं। उनसे पूछताछ की। फिर वहां से करीब 50 मीटर दूर एक प्राइवेट क्लीनिक में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। उन्होंने उसकी फुटेज निकलवाई तो 6-7 जून की दरम्यानी रात 3.45 बजे दो बाइक पर 5 लोग जाते नजर आ रहे थे। आगे चल रहे बाइक सवार ने मेरे बेटे की लाश को खुद से बांध रखा है। पीछे-पीछे बाइक पर उसके तीन साथी चल रहे थे। बेटे की हत्या कर लाश ठिकाने लगाने वाले उसके दोस्त ही हैं। जहां लाश मिली वो जगह घर से करीब 8 किलोमीटर दूर थी ओर उसके दोस्त आर्यन के घर से सिर्फ 4 किलोमीटर दूर है।

जिसके बाद वे 5 जुलाई को एडिशनल डीसीपी रामसिंह से मिले और सबूत दिखाकर बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। तब जाकर पुलिस ने रविंद्र की हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

वहीं, करधनी थाने के एसएचओ बनवारी लाल मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नशे की ओवरडोज से मौत का मामला सामने आया था। मृतक नशे का आदी था। उसे नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। उसके पिता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पहले भी जांच की जा रही थी, अब भी जांच की जाएगी।

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