विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने एक प्रोपर्टी डीलर, उसके भाई सहित 10 लोगों के खिलाफ फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए शस्त्र खरीदने के आरोप में गंभीर धाराओं में मकदमा दर्ज करवाया है।
एसटीएफ कुमाऊं यूनिट के इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह ने कोतवाली काशीपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एसएसपी एसटीएफ, देहरादून के आदेश दिनांक 25.02.2026 के अनुपालन में जनपद ऊधम सिंह नगर में संचालित अवैध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में उनके द्वारा जांच की जा रही थी। जांच के दौरान निम्न व्यक्तियों-
1. नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन निवासी मौहल्ला थाना साबिक, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
2. मौ. नसीम पुत्र नन्हें खान निवासी लक्ष्मीपुर पट्टी, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
3. मौ. दानिश उर्फ दानू पुत्र छुट्टन निवासी सरवरखेड़ा, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
4. सौरभ अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल निवासी चामुंडा, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
5. विशाल राजपूत पुत्र लखेंद्र कुमार राजपूत निवासी पुंवाया, हाल निवासी काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
6. गुरताज सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी मेहरोत्रा फार्म, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
7. जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चन्द्र कांडपाल निवासी चामुंडा मंदिर, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर।
8. मनजोत सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी ग्राम नत्थापुर, थाना पुवांया, जनपद शाहजहाँपुर (उ.प्र.), हाल निवासी काशीपुर।
9. अजीम पुत्र नन्हें पहलवान निवासी ग्राम एवं पोस्ट सिंधौली, जनपद शाहजहाँपुर (उ.प्र.), हाल निवासी काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर। 10. गौरव अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल निवासी चामुंडा, काशीपुर, काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर। द्वारा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से फर्जी एवं कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बनवाकर जनपद ऊधम सिंह नगर स्थित काशीपुर गन हाउस से शस्त्र क्रय किए जाने तथा उनका उपयोग किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई।
इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में काशीपुर गन हाउस के स्वामी सौभाग्य टंडन से उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा क्रय किए गए शस्त्रों से संबंधित अभिलेख, शस्त्र लाइसेंसों की सत्यापित प्रतियां तथा खरीद रसीदें प्राप्त की गईं। अभिलेखों के परीक्षण पर पाया गया कि सभी शस्त्र लाइसेंसों पर सम्पूर्ण भारत वर्ष हेतु वैध अंकित था तथा उन्हें जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहाँपुर द्वारा निर्गत दर्शाया गया था।
उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहाँपुर से पत्राचार किया गया, जिसके उत्तर में अवगत कराया गया कि संबंधित व्यक्तियों के नाम कोई शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया है तथा जिन लाइसेंस क्रमांकों का उपयोग किया गया है, वे अन्य व्यक्तियों के नाम पर निर्गत पाए गए हैं।
इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह द्वारा की गई जांच में यह भी पाया गया कि उपरोक्त सभी व्यक्तियों ने संगठित एवं योजनाबद्ध तरीके से अपने आधार कार्ड एवं अन्य अभिलेखों में स्थानीय पते के स्थान पर जनपद शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश का पता प्रदर्शित कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए तथा उनके आधार पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए। इनमें से कुछ कूटरचित शस्त्र लाइसेंस NIC के NDAL-ALIS पोर्टल पर भी प्रदर्शित पाए गए, जिनके आधार पर शस्त्रों का क्रय किया गया।
इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि उक्त कृत्य संगठित अपराध, कूटरचना, धोखाधड़ी तथा अवैध रूप से शस्त्र प्राप्त करने एवं उपयोग करने से संबंधित गंभीर संज्ञेय अपराध है, जो प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5) एवं 111 तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय है। उन्होंने उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने उक्त 10 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111, 3(5), 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसएसआई नवीन बुधानी के हवाले की है।



