देहरादून, 16 जून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घर पर अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन के लिए बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को साथ लेकर जाएं और ऐसे मतदाताओं के घरों पर कम से कम तीन बार अनिवार्य रूप से संपर्क करें।
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। बैठक में गणना फार्मों के वितरण और डिजिटाइजेशन कार्य की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी जनपद निर्धारित समयसीमा के भीतर गणना फार्मों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। जिन जिलों में वितरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहां डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को बूथवार समीक्षा करने तथा धीमी प्रगति वाले बूथों पर अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती करने के निर्देश भी दिए।
उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि जिन क्षेत्रों में फार्म वितरण पूरा हो चुका है लेकिन मतदाता उपलब्ध नहीं हैं, वहां डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद ऐसे मतदाताओं की सूची संबंधित बीएलए के साथ साझा की जाए। उन्होंने एबसेंट, शिफ्टेड, मृत एवं डुप्लीकेट मतदाताओं के मामलों में बीएलओ द्वारा गणना फार्म पर विस्तृत फील्ड रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदण्डे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी एवं निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी मौजूद रहे।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन आयोग का फोकस अब फार्म वितरण के साथ-साथ डिजिटाइजेशन और मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर है।



