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Monday, July 27, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने साहित्यकारों से किया संवाद, दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर जोर…

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस दौरान साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं, जबकि मुख्यमंत्री ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने और साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से पुराने, बिखरे और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन का केंद्र बनाने के उद्देश्य से दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि साहित्यकारों के सम्मान के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ और वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ शुरू किए गए हैं।

‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मिला मुख्यमंत्री का सहयोग

हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने समर्थन देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं तथा इस तरह के अभियान युवाओं में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देंगे।

कार्यक्रम में प्रो. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, सचिव रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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