spot_img
spot_img
Sunday, September 13, 2026
spot_img

पांच लाख की सुपारी, बैंककर्मी पर चली गोली और फिर हो गया एनकाउंटर

सुहानी अग्रवाल
देहरादून (महानाद) : बैंककर्मी पर गोली चलाने के आरोपी का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि बड़ोवाला में बैंककर्मी सत्यम कुमार को जान से मारने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। वारदात के बाद बची हुई रकम लेने के लिए आरोपी दोबारा देहरादून पहुंचा, लेकिन पटेलनगर में चेकिंग के दौरान पुलिस से उसका सामना हो गया।

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर दोनों ने बाइक छोड़कर जंगल का रुख किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल अंकित को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी पहचान अंकित चौहान (25 वर्ष) निवासी लक्सर, हरिद्वार के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपी अंकुर भी लक्सर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। उसकी तलाश में जंगल और आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है।

आपको बता दें कि 8 सितंबर 2026 की शाम बड़ोवाला क्षेत्र में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर फायरिंग की गई थी। सत्यम अपनी रिश्तेदार साक्षी चौहान के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था। जियो पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर आगे बाइक सवार दो युवकों ने उसकी स्कूटी के सामने बाइक रोक दी और उस पर गोली चला दी। गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले में साक्षी चौहान की तहरीर पर पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में शामिल आरोपी किसी अन्य वारदात के लिए देहरादून पहुंचे हैं। इसके बाद पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग बढ़ा दी गई।

गोरखपुर चौक के पास पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार दो युवकों को संदिग्ध मानकर रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही बाइक सवारों ने रफ्तार बढ़ा दी और प्रेमनगर की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया और दूसरे थानों को भी सूचना दी। चाय बागान क्षेत्र की पगडंडी के पास दोनों बदमाश बाइक छोड़कर जंगल में भागने लगे। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। वहीं उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से .315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।

पूछताछ के दौरान घायल आरोपी अंकित ने बताया कि उसकी मुलाकात हरिद्वार के रानीपुर निवासी मोहित से हुई थी। मोहित को अंकित के आपराधिक इतिहास की जानकारी थी। पुलिस का दावा है कि मोहित ने उसकी मुलाकात अपनी दोस्त मालिया रहमान से कराई। मालिया की वर्ष 2020 में हरिद्वार के उज्जीवन बैंक में नौकरी के दौरान सत्यम कुमार से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि सत्यम कई वर्षों तक उसे शादी का भरोसा देता रहा, लेकिन बाद में किसी दूसरी युवती से उसकी सगाई हो गई।

इसके बाद कथित तौर पर मोहित और मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए अंकित से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी और अंकित को एक लाख 20 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात कही गई थी। पुलिस का कहना है कि मालिया ने अंकित को सत्यम की फोटो दी थी और देहरादून स्थित उज्जीवन बैंक का पता भी बताया था। इसका मकसद सत्यम की पहचान करने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करना था।

आरोप है कि 8 सितंबर को अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून पहुंचा। दोनों बैंक के बाहर सत्यम के बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। शाम करीब 7ः45 बजे सत्यम बैंक से निकला तो दोनों ने बाइक से उसका पीछा शुरू कर दिया। बड़ोवाला के पास सुनसान जगह पर आरोपियों ने सत्यम की स्कूटी को रोक लिया और अंकित ने उस पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद सत्यम जान बचाने के लिए झाड़ियों की तरफ भाग गया। आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, गोलीकांड के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले दिल्ली और फिर हरियाणा चले गए थे। लेकिन सुपारी की पूरी रकम नहीं मिली थी। शुक्रवार को कथित तौर पर मोहित के कहने पर अंकित और अंकुर बची हुई रकम लेने के लिए दोबारा देहरादून पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की चेकिंग में दोनों फंस गए और मुठभेड़ हो गई।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी अंकुर की तलाश में जुटी है। साथ ही सुपारी देने के आरोपों में मोहित और मालिया रहमान की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles